यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
यूपी में इस लोकसभा सीट पर 40 वर्षों में कभी जीत नहीं पाई कांग्रेस, अब राहुल गांधी और अखिलेश मिलकर लगाएंगे दम
राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव शनिवार को संयुक्त रूप से अमरोहा लोकसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी का चुनाव प्रचार करेंग ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव शनिवार को संयुक्त रूप से अमरोहा लोकसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी का चुनाव प्रचार करेंगे। दोनों नेता कांग्रेस के लिए संयुक्त रैली भी करेंगे।
अमरोहा में बीते 40 वर्षों से कांग्रेस लोकसभा चुनाव नहीं जीत पाई है। 1984 में कांग्रेस के रामपाल सिंह इस सीट से लोकसभा चुनाव जीते थे। उसके बाद से भाजपा ने तीन, बसपा ने दो, सपा, जनता दल और रालोद एक-एक बार चुनाव जीत चुकी है। 2004 में इस सीट से स्वतंत्र रूप से हरीश नागपाल ने जीत हासिल की थी।
बसपा छोड़कर आए कुंवर दानिश अली को अमरोहा से कांग्रेस ने चुनावी मैदान में उतारा है। बसपा की टिकट पर 2019 के लोस चुनाव में उन्होंने भाजपा के प्रत्याशी कंवर सिंह तंवर को 63,248 मतों से हराकर चुनाव जीता था।
यूपी में लोकसभा के दूसरे चरण के चुनाव में कांग्रेस अमरोहा, बुलंदशहर व मथुरा तथा गाजियाबाद की सीटों पर चुनाव लड़ रही है। इसलिए बुधवार को राहुल गांधी और अखिलेश ने गाजियाबाद में संयुक्त रूप से प्रेस कांफ्रेंस करके यूपी में अपने चुनावी प्रचार को गति दी थी।
शनिवार को अमरोहा की रैली के बाद प्रदेश कांग्रेस की तरफ से 24 अप्रैल से पहले मथुरा और बुलंदशहर में भी राहुल व अखिलेश का चुनाव प्रचार कार्यक्रम करवाने की कवायद की जा रही है।
दूसरे चरण का मतदान 26 अप्रैल को होना है। इसके मद्देनजर 23 अप्रैल से चुनाव प्रचार बंद हो जाएगा। अमरोहा की पांच विधानसभा सीटों में से घनौरा, हसनपुर और गढ़मुक्तेश्वर की सीटों पर भाजपा का कब्जा है, जबकि दो सीटों नौगावां सादात व अमरोहा विस सीटों पर सपा का कब्जा है।