यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Lok Sabha Election: आ रहे हैं 'गुप्तचर', हाईकमान के ऑर्डर पर माहौल की नब्ज टटोलने निकले; बनाई गई ये रणनीति
Lok Sabha Chunav चुनाव की सरगर्मियां बढ़ती जा रही हैं। इस माहौल में भाजपा के लोकसभा प्रभारी राजीव सिसौदिया संयोजक ब्रजेश कुमार ने गजरौला में बैठक कर ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, गजरौला। Lok Sabha Election 2024: अप्रैल माह में लोकसभा चुनाव होना प्रस्तावित है। अलग-अलग विभागों ने भी इस चुनाव से जुड़ी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इतना ही नहीं राजनीति अखाड़े में दांव-पेंच अजमाने के लिए खुद को तैयार कर रहे सियासी पहलवानों ने भी सक्रियता बढ़ा दी है। ऐसे में अब भाजपा सहित अन्य राजनीतिक दलों के गुप्तचर भी माहौल की नब्ज टटोलने के लिए मैदान में निकल पड़े हैं।
दरअसल, अमरोहा लोकसभा की सीट भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण है। क्योंकि पिछली बार यहां से बसपा से जीतकर कुंवर दानिश अली सांसद बने थे। इसलिए इस बार इस सीट पर कब्जा करने के लिए भाजपा पूरी तरह सक्रियता के साथ तैयारियों में जुटी हुई है। भाजपा में टिकट मांगने वालों की सूची में लंबी है। जिसमें पूर्व सांसद कंवर सिंह तंवर, देवेंद्र नागपाल, विजय पांडे, सुरेश नागर, पूर्व विधायक कमल मलिक, सोरन सिंह आदि हैं।
बढ़ती जा रही चुनाव की सरगर्मियां
पड़ोसी जनपद के लोग भी जोर लगा रहे हैं। ऐसे ही सपा में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के पति भूपेंद्र सिंह, अजय मलिक, चौ. सरजीत सिंह मुख्य रूप से दावेदारी करते हुए नजर आ रहे हैं। कांग्रेस व बसपा के चेहरे अभी होर्डिंग-बैनर पर भी कम नजर आ रहे हैं।
मानिए हर दिन अब चुनाव की सरगर्मियां बढ़ती जा रही हैं। इस माहौल में भाजपा के लोकसभा प्रभारी राजीव सिसौदिया, संयोजक ब्रजेश कुमार ने गजरौला में बैठक कर कार्यकर्ताओं को तैयारियों का मंत्र देते हुए चुनावी प्रक्रिया के बारे में विचार-विमर्श किया है।
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इतना ही नहीं क्षेत्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिसौदिया भी हाल में बिजनौर जाते समय कार्यकर्ताओं से रूबरू हुए थे। कांग्रेस के अमरोहा लोकसभा के कोर्डिनेटर विजेंद्र यादव ने नौगावां सादात में कार्यकर्ताओं की बैठक लेकर चुनावी की तैयारियों पर बात की। कुछ दिनों पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अजय राय भी यूपी जोड़ो यात्रा लेकर आए थे। उन्होंने भी जिलाध्यक्ष समेत जिम्मेदारी पदाधिकारियों से स्थानीय लोकसभा के हाल पर विचार-विमर्श किया था।
इतना ही नहीं सपा, बसपा व रालोद के हाईकमान अपने स्तर से भी चुनावी माहौल के बारे में जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं। टिकट की कतार में खड़े होने वाले नेताओं की स्थिति के बारे में भी पता कराया जा रहा है। यही वजह है कि टिकट मांगने वाले लोग पब्लिक के बीच में पहुंचने में लगे हुए हैं। सुख-दुख में पहुंचकर पकड़ बना रहे हैं।
जातियों के हिसाब से क्षेत्रों में ड्यूटी की तैयारी
लोकसभा के चुनाव में राजनीतिक पार्टियां जातिगत हिसाब से चुनावी तैयारी कर रहे हैं। बताते हैं कि दलों के नेताओं की ड्यूटी जातियों के हिसाब से लगाने की तैयारी है। यानी, जाट बाहुल्य क्षेत्र में जाट नेता रहेंगे। क्षत्रिय वाले क्षेत्र में क्षत्रिय नेता रहेंगे। अनुसूचित वर्ग को लुभाने के लिए उन्हीं की जाति के लोगों को लगाया जाएगा।