पैंटून पुल से जुड़ेंगे तिगरी और गढ़ गंगा मेला: 7.20 करोड़ का प्रस्ताव भेजा, श्रद्धालुओं का सफर होगा आसान
हापुड़ और अमरोहा के डीएम ने तिगरी व गढ़ गंगा मेलों को पैंटून पुल से जोड़ने की संभावनाओं पर तकनीकी टीम के साथ मंथन किया। सुरक्षा रिपोर्ट और अनुमान तैयार कर जल्द ही शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा, जिससे लाखों श्रद्धालुओं का आवागमन सुगम हो सके।

तिगरी-गढ़ मेले में पैंटून पुल की संभावनाओं को लेकर निरीक्षण करते डीएम डाॅ. नितिन गौड़ व हापुड़ की डीएम कविता मीणा। सौ. विभाग
HighLights
पैंटून पुल की सेफ्टी रिपोर्ट व एस्टीमेट होगा तैयार, शासन को जाएगा प्रस्ताव
जागरण संवाददाता, अमरोहा। वेस्ट यूपी के दो सबसे बड़े मेलों को जोड़ने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इनमें एक तिगरी व दूसरा गढ़ गंगा मेला है। दोनों ही मेला गंगा किनारे की रेती पर कार्तिक मास में लगते हैं। पूर्णिमा पर हर साल लाखों श्रद्धालु पतित पावनी गंगा में पुण्य की डुबकी लगाते हैं। दोनों मेलों को पैंटून पुल के सहारे जोड़ा जाएगा।
इसके लिए सोमवार को हापुड़ डीएम कविता मीणा व अमरोहा डीएम डा.नितिन गौड़ ने तकनीकी टीम के साथ तिगरी में बैठक की और मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। जल्द ही पैंटून पुल की सेफ्टी रिपोर्ट व एस्टीमेट तैयार कर शासन को प्रस्ताव मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
सोमवार की दोपहर करीब 12 बजे डीएम अपने साथ एडीएम वित्त एवं राजस्व गरिमा सिंह को साथ लेकर तिगरी पहुंचे। यहां पर हापुड़ डीएम भी अधीनस्थों के साथ पहुंच गईं। दोनों जिलों के अधिकारियों ने मेला के संयुक्त आयोजन की संभावनाओं, बेहतर समन्वय तंत्र, श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन पर तकनीकी अधिकारियों के साथ मंथन किया।
यहां बता दें कि पैंटून पुल की तकनीकी व्यवहार्यता की जांच के लिए अधीक्षक अभियंता सिंचाई मेरठ, अधीक्षक अभियंता लोनिवि मेरठ व मुरादाबाद को बुलाया गया था। डीएम डाॅ. नितिन गौड़ ने बताया कि वर्तमान में पैंटून पुल को लेकर अध्ययन की प्रकि्रया चल रही है।
तिगरी की ओर एंकरिंग प्वाइंट उपलब्ध हैं, जबकि गढ़मुक्तेश्वर की ओर एंकरिंग प्वाइंट की संभावना तलाशी जाएगी। तकनीकी टीम द्वारा अवगत कराया गया कि यदि अस्थायी स्ट्रक्चर के रूप में इसकी व्यवस्था संभव होती है तो इस दिशा में कार्य किया जा सकता है।
डीएम ने बताया कि तकनीकी टीम को पैंटून पुल की संभावना को विस्तार से एक्सप्लोर करने तथा इसकी सेफ्टी रिपोर्ट एवं एस्टीमेट तैयार करने के लिए कहा गया है। जैसे ही मिलेगा वैसे ही प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। श्रद्धालुओं की मांग को पूरा करने के लिए प्रशासन की पूरी कोशिश रहेगी, लेकिन इसमें सुरक्षा व संरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।
बजट आवंटित होने के बाद तकनीकी अधिकारी करीब एक से डेढ़ माह में पैंटून पुल कार्य पूरा कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त बैठक में गंगा नदी की ड्रेजिंग एवं तटबंध निर्माण की संभावनाओं, पानी के प्रवाह की स्थिरता, कटान नियंत्रण, स्थायी घाटों एवं स्नान स्थलों के विकास पर भी विचार किया गया।
जनसुविधाओं पर हुई चर्चा
बैठक में महिलाओं, वृद्धजनों एवं दिव्यांगजनों के लिए स्थायी जनसुविधाओं के विकास पर भी चर्चा की गई। इसमें शौचालय, चेंजिंग रूम, सुरक्षित स्नान क्षेत्र, पेयजल, विश्राम स्थल एवं प्रकाश व्यवस्था जैसी आवश्यक सुविधाओं को समेकित रूप से विकसित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
इसके अलावा मेला क्षेत्र के समग्र एवं दीर्घकालिक विकास के तहत यातायात प्रबंधन, पार्किंग, सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, विद्युत व्यवस्था, स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन एवं सुंदरीकरण से संबंधित स्थायी समाधान विकसित करने पर भी मंथन किया गया।
7.20 करोड़ का प्रस्ताव भेजा
इस साल तिगरी गंगा मेला को भव्यता व दिव्यता के साथ कराने के लिए प्रशासन ने 7.20 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। अभी तक वह मंजूर नहीं हुआ है। पिछले साल मेला पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च हुए थे। इस बार धनराशि में दो करोड़ से अधिक का इजाफा किया गया है।
