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    अमरोहा में गरजे सीएम: 'माफिया मिट्टी में मिल गए, अब विकास की गति को कोई रोक नहीं सकता'

    Updated: Sat, 18 Jul 2026 03:54 PM (GMT+05:30)

    मुख्यमंत्री ने अमरोहा में विपक्ष पर हमला बोला और अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, जिसमें माफिया का सफाया, रिकॉर्ड गन्ना भुगतान और विकास परियोजनाओं पर ...और पढ़ें

    अमरोहा में जनसभा स्थल पर लोगों का अभिवादन करते सीएम योगी आदित्यनाथ

    अमरोहा में जनसभा स्थल पर लोगों का अभिवादन करते सीएम योगी आदित्यनाथ

    HighLights

    1. अमरोहा का हस्तशिल्प और ढोलक पूरी दुनिया में बढ़ा रहा क्षेत्र का मान

    जागरण संवाददाता, अमरोहा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने आज अमरोहा के धनौरा) एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखे हमले किए और अपनी सरकार की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखा। मुख्यमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत महाभारत कालीन पावन धरती तिगरी और भगवान श्री कृष्ण के पैर धोने वाली वासुदेव तीर्थ की भूमि को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा कि अमरोहा का हस्तशिल्प और यहां का 'ढोलक' आज पूरी दुनिया में इस क्षेत्र का मान बढ़ा रहा है। जब भी कहीं तबला या ढोलक बजता है तो अमरोहा का नाम सबसे पहले आता है। इसके साथ ही यहां का आम भी अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है।

    एक्सप्रेस-वे और औद्योगिक पार्क से बदलेगी अमरोहा की तस्वीर

    मुख्यमंत्री ने बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर देते हुए कहा कि मध्य गंगा नहर परियोजना और नए एक्सप्रेस-वे ने दिल्ली और अन्य बड़े शहरों की दूरी को बेहद कम कर दिया है। अब जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की दूरी भी कम हो गई है, जिससे यहां का स्थानीय कारोबारी 'कार्गो' सुविधा के जरिए अपने उत्पादों को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचा रहा है।

    अमरोहा के विकास के लिए पैसे की कोई कमी नहीं है। विकास के लिए सही समय, नीति, सोच और साफ नियति की जरूरत होती है, जो हमारी सरकार के पास है। अब हम अमरोहा से हरिद्वार की दूरी को भी कम करने जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं और व्यापारियों को बड़ी सुविधा मिल सके। जिले में बनने वाला नया औद्योगिक पार्क यहाँ के विकास को एक नई रफ्तार देगा।

    मुख्यमंत्री ने प्रशासन को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि विकास कार्यों के लिए जिन किसानों की जमीन ली गई है, उन्हें उचित मुआवजा समय पर दिया जाए।

    चीनी उद्योग को पुनर्जीवित किया, गन्ना भुगतान में बनाया रिकॉर्ड

    पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले की सरकारों ने चीनी मिलों को बर्बाद करने का काम किया था। उन्होंने 29 चीनी मिलें बंद कर दी थीं और 21 मिलों को बेच दिया था। यदि वही सरकारें आज होतीं, तो उत्तर प्रदेश का चीनी उद्योग पूरी तरह से ठप हो जाता।

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    हमारी सरकार ने किसानों के हित में काम करते हुए 3 लाख 23 हजार करोड़ रुपये का रिकॉर्ड गन्ना मूल्य भुगतान किया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश को आज देश में इथनाल उत्पादन में अव्वल (नंबर वन) बनाया है। अब यहाँ का नौजवान रोजगार के लिए पलायन नहीं करेगा, बल्कि उसे अपने ही क्षेत्र में अवसर मिलेंगे।

    2017 से पहले आस्था पर डंडे चलते थे, आज हो रही पुष्पवर्षा

    मुख्यमंत्री ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर पिछली सरकारों को घेरते हुए पूछा कि क्या यह सब 2017 से पहले संभव था? उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में सुरक्षा साफ दिखाई दे रही है। पहले हर जिले में दंगे होते थे, न बेटी सुरक्षित थी और न ही व्यापारी। लेकिन आज स्थिति बदल चुकी है। अपराधियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि ऐसे लोगों की जगह या तो जेल है या फिर जहन्नुम, माफियाओं को मिट्टी में मिला दिया गया है।

    2017 से पहले लोगों की आस्था पर रोक लगाई जाती थी। जय श्रीराम बोलने पर डंडे चलते थे और धार्मिक यात्राओं को रोक दिया जाता था। लेकिन आज किसी भी शोभायात्रा पर कोई रोक नहीं है। सरकार आस्था का पूरा सम्मान कर रही है। तिगरी मेले का विकास अब कुंभ मेले की तर्ज पर भव्य रूप से किया जा रहा है।

    केंद्र की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब देश के प्रधानमंत्री भी लाचार थे। उनके कार्यकाल में ₹100 में से ₹85 भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाते थे और जनता तक सिर्फ ₹15 पहुंचते थे। यह जनता का पैसा था, जिस पर सपा और कांग्रेस मिलकर डकैती डालती थीं।

    लेकिन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'डबल इंजन' की सरकार में शत-प्रतिशत लाभ सीधे गरीब के खाते में पहुँच रहा है। बिना किसी भेदभाव के हर तबके को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है।

    शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार

    सरकार द्वारा शिक्षा और शिक्षकों के लिए किए गए कार्यों को रेखांकित करते हुए सीएम ने कई बड़ी घोषणाओं और आंकड़ों को सामने रखा। उन्होंने कहा कि बेटी के स्कूल जाने पर 'कन्या सुमंगला योजना' और 'कस्तूरबा योजना' के जरिए शिक्षा को आगे बढ़ाया जा रहा है। राज्य के शिक्षकों को ₹5 लाख तक की कैशलेस इलाज की सुविधा दी गई है। इसके अलावा शिक्षामित्रों का मानदेय भी बढ़ाया गया है।

    किसी दुर्घटना या अनहोनी की स्थिति में शिक्षकों के परिवार को मिलने वाली सहायता राशि को ₹80 लाख से बढ़ाकर ₹1.5 करोड़ कर दिया गया है। वहीं शिक्षामित्रों के परिवारों के लिए इस सहायता को ₹30 लाख से बढ़ाकर ₹80 लाख किया गया है। इसके अलावा किसानों के लिए भी ₹5 लाख की सहायता योजना लागू है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सब तभी मुमकिन होता है जब नियत साफ हो और काम करने वाली सरकार सत्ता में हो। जहां किसी एक खानदान का कब्जा होता है, वहां कभी विकास नहीं हो सकता।

    विपक्षी विधायकों पर तंज: 'जीतकर चादर तान कर सो गए हैं'

    अमरोहा और नौगवां विधानसभा सीटों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने स्थानीय विपक्षी विधायकों पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों की विकास में कोई रुचि नहीं है, वे चुनाव जीतकर 'चादर तान कर सो गए हैं'। इसके विपरीत, हमारे भाजपा विधायक लगातार क्षेत्र के विकास की पैरवी करते रहते हैं।

    मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए पूर्व मंत्री महबूब अली के कार्यकाल की ओर इशारा करते हुए कहा कि पहले रामपुर और सैफई का सिंडिकेट यहां डकैती डालता था और आतंक का माहौल था। लेकिन आज जिले में किसी मंत्री या सिंडिकेट का कोई आतंक नहीं है। आज हर सरकारी नियुक्ति पारदर्शी है और हर भर्ती में अमरोहा का युवा अपनी मेहनत से नौकरी पा रहा है।

    स्वर्गीय चेतन चौहान को दी श्रद्धांजलि

    भाषण के दौरान मुख्यमंत्री भावुक भी हुए। उन्होंने अमरोहा के पूर्व सांसद और पूर्व क्रिकेटर स्वर्गीय चेतन चौहान को याद करते हुए कहा, जब भी मैं अमरोहा आता हूं, मुझे चेतन चौहान जी की स्मृति हमेशा याद आती है। मैं आज इस मंच से उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

    अमरोहा में भी कमल खिलाओ, विकास को मिलेगी चौगुनी रफ्तार

    जनसभा के अंत में मुख्यमंत्री ने जनता से भावुक और राजनीतिक अपील करते हुए कहा कि यदि आपने अमरोहा और नौगवां में भी कमल खिलाया होता, तो यहां विकास की गति और अधिक तीव्र होती। सदन में पैरवी के लिए अच्छे और कर्मठ विधायक व सांसद चुनकर भेजें। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि जो भी प्रस्ताव विकास के लिए दिए गए हैं, उन्हें हर हाल में पूरा किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा, इस बार मैं धनौरा में अमरोहा के हक के लिए आया हूं और अगली बार हसनपुर में नौगवां की प्रगति के लिए आऊंगा। उन्होंने पूरे पंडाल को 'जय श्रीराम' के गगनभेदी नारों से गुंजायमान करते हुए अपने संबोधन को विराम दिया।

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