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    औरैया में संदिग्ध परिस्थितियों में ढाई माह के बच्चे की मौत, टीके पर उठे सवाल; स्वास्थ्य विभाग ने दी सफाई

    Updated: Thu, 09 Jul 2026 06:52 PM (IST)

    औरैया के फफूंद में ढाई माह के बच्चे की टीकाकरण के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिस पर पिता ने गलत वैक्सीन का आरोप लगाया है। स्वास्थ्य विभाग ...और पढ़ें

    संदिग्ध परिस्थितियों में बच्चे की मौत पर उठे सवाल।

    संदिग्ध परिस्थितियों में बच्चे की मौत पर उठे सवाल।

    HighLights

    1. ढाई माह के बच्चे की टीकाकरण के बाद संदिग्ध मौत।

    2. पिता ने गलत वैक्सीन देने का आरोप लगाया।

    3. स्वास्थ्य विभाग ने ब्रेन हेमरेज की आशंका जताई।

    संवाद सूत्र, फफूंद (औरैया)। फफूंद क्षेत्र के पाता सरैया गांव में ढाई माह के बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पिता ने टीकाकरण के बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ने और गलत वैक्सीन लगाए जाने का आरोप लगाया है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने जांच के बाद टीके से मौत की आशंका से इंकार करते हुए प्रथम दृष्टया ब्रेन हेमरेज की संभावना जताई है। वहीं स्वजन ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया।

    गांव निवासी ओमजी अपने ढाई माह के बेटे सक्षम को बुधवार दोपहर गांव के विद्यालय में आयोजित नियमित टीकाकरण सत्र में लेकर पहुंचे थे। वहां एएनएम कल्पना ने बच्चे को पेंटा वैक्सीन, रोटा वायरस वैक्सीन और ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी) दी। स्वजन के अनुसार रात करीब 11 बजे के बाद बच्चा लगातार रोने लगा। तड़के करीब चार बजे उसके मुंह और नाक से खून निकलने लगा और उसकी मौत हो गई।

    घटना की सूचना पर पाता चौकी प्रभारी नरेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दी। इसके बाद गुरुवार दोपहर डिप्टी सीएमओ डा. राकेश कुमार और सीएचसी अछल्दा के अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जांच की।

    डिप्टी सीएमओ डा. राकेश कुमार ने बताया कि उसी सत्र में तीन बच्चों का टीकाकरण किया गया था, जिनमें दो अन्य बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं। प्रथम दृष्टया मामला टीके से जुड़ा नहीं लगता, बल्कि ब्रेन हेमरेज की संभावना प्रतीत होती है।

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    उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम होने पर ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकता था। चौकी प्रभारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि बच्चे के पिता ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया, जिसके कारण मौत के कारण की चिकित्सकीय पुष्टि नहीं हो सकी।