सर्पदंश होने पर तुरंत लगवाएं एंटी स्नैक वेनम, झाड़फूंक से बचें; डॉक्टरों ने दी ये सलाह
औरैया में सर्पदंश के मामलों में झाड़फूंक से बचने और तुरंत एंटी स्नैक वेनम लगवाने की सलाह दी गई है। जिला संयुक्त चिकित्सालय में एक वर्ष में 58 लोगों को ...और पढ़ें

HighLights
सर्पदंश पर झाड़फूंक से बचें, तुरंत अस्पताल जाएं।
जिला अस्पताल औरैया में 290 एंटी स्नैक वेनम उपलब्ध।
एक वर्ष में 58 सर्पदंश पीड़ितों को ASV लगाई गई।
जागरण संवाददाता, औरैया। बारिश का मौसम शुरू होने वाला है। ऐसे में सर्पदंश की घटनाएं भी तेजी से बढ़ जाती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कई बार लोग झाड़फूंक, टोने टोटके आदि के चक्कर में पड़ जाते हैं, जिससे कई लोगों की मौत हो जाती है। जबकि विशेषज्ञ सर्पदंश के मामले में झाड़फूंक के चक्कर में न पड़कर तुरंत एंटी स्नैक वेनम लगवाने की सलाह देते हैं।
डॉक्टरों का कहना है किसी भी जहरीले सांप के काटने पर जल्द से जल्द एंटी स्नैक वेनम लगाई जाए तो मरीज जान बच सकती है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी सीएचसी, पीएचसी, जिला अस्पताल व मेडिकल कालेज में व्यवस्था है।
जिला संयुक्त चिकित्सालय में इस समय 290 बाइल उपलब्ध हैं। जुलाई 2025 से जून 2026 (एक वर्ष) में सर्पदंश के 58 लोगों को एंटी स्नैक वेनम लगाई गई। बीते महीने पांच मामले पहुंचे।
सर्पदंश के बाद झाड़फूंक में गई जान
- जुलाई 2025- दिबियापुर थाना क्षेत्र के भग्गा का पुरवा गांव में महिला की मौत
- वर्ष 2021- बिधूना के पूर्वा भदौरिया में सोते समय एक युवक को सांप ने डस लिया था। स्वजन ने चिकित्सा के साथ झाड़-फूंक का भी प्रयास किया, लेकिन समय पर एंटी-वेनम न मिल पाने से अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई थी।
सर्पदंश की स्थिति पर क्या करें?
- सर्पदंश से पीड़ित व्यक्ति को पूरी तरह शांत रखें, सांत्वना दे।
- घबराहट के कारण दिल की धड़कन तेज हो जाती है बीपी बढ़ जाता है। जिससे शरीर में जहर का संचालन तेजी से होने लगता है।
- घाव को साफ पानी व साबुन से साफ कर सकते हैं।
- संभव हो तो सांप का रंग व आकार देख लें या उसका फोटो खींच लें जिसे उपचार में मदद मिल सकती है।
- सर्प डंश के स्थान को कसकर ना बांधे, रक्त संचार पूरी तरह रुक जाता है। जिससे कई बार वह अंग भी खराब हो जाता है।
जिले के सभी सीएचसी, पीएचसी, जिला अस्पताल व मेडिकल कालेज में एंटी स्नैक वैनम का पर्याप्त स्टाक है। इमरजेंसी ड्यूटी के संभी डॉक्टर को एंटी स्नैक वैनम लगाने की ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है। ऐसे में सर्प डंस की घटना पर तुरंत सरकारी अस्पताल में पहुंचे और निश्शुल्क एंटी स्नेक वैनम लगवाएं।
-डाॅ. सुरेंद्र कुमार सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
सबसे ज्यादा मामला जिला संयुक्त चिकित्सालय में ही आते हैं। इसलिए यहां सबसे अधिक स्टाक रखा जाता है। इस समय 290 बाइल मौजूद हैं। इमरजेंसी में तैनात सभी डॉक्टर एंटी स्नैक वेनम लगाने में एक्सपर्ट हैं। लक्षण के आधार पर सर्प डंस के मरीजों का एंटी स्नैक वेनम लगाई जाती है।
-डाॅ.अनिल कुमार गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला संयुक्त चिकित्सालय
सर्पदंश के मामले में तुरंत व्यक्ति को पास के सरकारी अस्पताल में पहुंचाएं। झाड़ फूंक के चक्कर में ना पड़े और ना ही सर्पदंश वाले के स्थान पर चीरा आदि लगाएं। टाइट कपड़ा बांधना भी जोखिम भरा है। जिनती जल्दी मरीज का उपचार शुरू हो जाएगा। उतनी जल्दी जहर का असर कम हो जाएगा।
-डाॅ. पंकज कुमार, विशेषज्ञ जिला संयुक्त चिकित्सालय