औरैया में भूजल संरक्षण को मिलेगी गति, 24 लाख की लागत से बनेंगे 5 रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
भूजल स्तर में गिरावट रोकने के लिए औरैया में 24 लाख रुपये की लागत से पांच रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाएंगे। इनसे वर्षा जल को सीधे जमीन में पहुंच ...और पढ़ें

5 रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनेंगे।

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जागरण संवाददाता, औरैया। भूजल स्तर में आ रही लगातार गिरावट को रोकने के लिए शासन के निर्देश पर नगर में वर्षा जल संचयन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
भूजल योजना सप्ताह के तहत जिलाधिकारी बृजेश कुमार के निर्देश पर नगर पालिका क्षेत्र में 24 लाख रुपये की लागत से पांच स्थानों पर ग्राउंडवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। पहला सिस्टम जिला कोषागार में बनेगा, जिस पर काम शुरू हो गया है।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी सुभाष कुमार के अनुसार ग्राउंडवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए नगर पालिका परिसर, तहसील, शहीद पार्क, ट्रेजरी (जिला कोषागार) सहित एक अन्य स्थान चिह्नित किया गया है। इन सभी स्थानों पर भवनों की छतों से वर्षा जल को पाइपलाइन के जरिए रिचार्ज पिट तक पहुंचाया जाएगा। इससे पानी सीधे जमीन में रिसकर भूजल को रिचार्ज करेगा।
टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया है। सबसे पहले जिला कोषागार परिसर में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनेगा, जिसके लिए काम शुरू हो गया है।
बोरिंग कराई जा रही है। अधिशासी अधिकारी ने कहा कि सरकारी भवनों में सिस्टम लगने के बाद आम जनता को भी प्रेरित किया जाएगा कि वे अपने घरों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग अपनाएं।
जल संरक्षण से होने वाले लाभ
अधिशासी अधिकारी सुभाष कुमार ने बताया कि वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के माध्यम से बारिश का पानी व्यर्थ बहने के बजाय जमीन में जाएगा, जिससे हैंडपंप और बोरवेल में पानी का स्तर ऊपर आएगा। गर्मियों में पानी की किल्लत नहीं होगी। शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति बेहतर होगी। जलभराव से भी राहत मिलेगी। भूजल बढ़ने से पेड़-पौधों और खेती को भी फायदा मिलेगा।