रामजन्मभूमि की 'सीता रसोई' के संचालन के लिए मिल सकता है अदाणी समूह का साथ, गौतम अदाणी ने दिए संकेत
अदाणी समूह अयोध्या में रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा संचालित सीता रसोई को सहयोग कर सकता है। गौतम अदाणी ने रामलला के दर्शन के बाद ट्रस्ट पदाध ...और पढ़ें
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रामजन्मभूमि परिसर के बाहर अंगद टीले पर संचालित सीता रसोई से भोजन प्रसाद लेते दर्शनार्थी

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लवलेश कुमार मिश्र, जागरण, अयोध्या। रामजन्मभूमि परिसर के बाहर अंगद टीला पर श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से संचालित सीता रसोई के संचालन में अदाणी समूह सहयोग कर सकता है। गुरुवार को रामलला का दर्शन करने पहुंचे अदाणी समूह के संस्थापक व अध्यक्ष उद्योगपति गौतम अदाणी के ट्रस्ट पदाधिकारियों से मंदिर की संपूर्ण व्यवस्था की विस्तृत जानकारी लेने से इसकी संभावना बढ़ी है।
इसका एक कारण यह भी माना जा रहा कि अब तक अदाणी समूह ने मंदिर निर्माण में कोई प्रत्यक्ष सहयोग नहीं किया है। इसी समूह की अदाणी विल्मर कंपनी ने केवल राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के समय प्रसाद वितरण और अन्य लॉजिस्टिक्स सेवा में भूमिका निभाई थी।
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से सीता रसोई के नाम से रसोई संचालित की जा रही है। रामजन्मभूमि परिसर में मां अन्नपूर्णा मंदिर के समीप बनी सीता रसोई में भगवान का भोग तैयार किया जाता है, तो परिसर के बाहर अंगद टीला के निकासी मार्ग पर संचालित सीता रसोई में रामभक्तों के लिए भोजन प्रसाद तैयार कराया जाता है।
राम मंदिर में रामलला का दर्शन करके निकलते समय दर्शनार्थियों में इसी भोजन प्रसाद का वितरण कराया जाता है। इसके लिए कई काउंटर बने हैं। यह रसोई राम मंदिर की प्रथम वर्षगांठ पर 11 जनवरी 2025 को मनाई गई प्रतिष्ठा द्वादशी से अनवरत संचालित हो रही है।
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सीता रसोई के प्रभारी धनंजय पाठक के अनुसार प्रतिदिन यहां लगभग 60 से 65 हजार दर्शनार्थी भोजन प्रसाद ग्रहण करते हैं। अब जबकि पूरे देश में गैस सिलिंडर का संकट चल रहा है, फिर भी यह रसोई दर्शनार्थियों की क्षुधा को शांत कर रही है।
गुरुवार को जब प्रख्यात उद्योगपति गौतम अदाणी रामलला के दर्शन के उपरांत परिसर में स्थित ग्रीन हाउस में बैठे तो सूत्रों के अनुसार उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों से न केवल मंदिर की दर्शन व्यवस्था, बल्कि श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की भी जानकारी ली।
ट्रस्टियों ने उन्हें सीता रसोई के संचालन की भी जानकारी दी। इस पर उद्योगपति ने कुछ सहयोग करने के लिए अपनी सहमति प्रदान की है। ऐसे में माना जा रहा कि अदाणी समूह दर्शनार्थियों के हितार्थ किसी मद में सहयोग कर सकता है। ट्रस्टी डॉ. अनिल कुमार मिश्र ने बताया कि दर्शन के दौरान अदाणी ने कोई प्रत्यक्ष दान नहीं किया है।