अयोध्या की हिंदुत्व वाली पिच पर अखिलेश का बाउंसर, 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए सजेगा मैदान
अखिलेश यादव की अयोध्या यात्रा 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए समाजवादी पार्टी की हिंदुत्व रणनीति का हिस्सा है। पार्टी ...और पढ़ें

HighLights
अखिलेश यादव की अयोध्या यात्रा 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति का हिस्सा।
समाजवादी पार्टी अयोध्या में भाजपा के हिंदुत्व एजेंडे को चुनौती देगी।
तेजनारायण पवन के घर श्रीमद्भागवत कथा में अखिलेश यादव की उपस्थिति।
आनंदमोहन, अयोध्या। समाजवादी पार्टी नेता व पूर्व मंत्री तेजनारायण पवन के घर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आने से ही तय हो गया था कि 2027 का विधानसभा चुनाव हिंदुत्व की पिच पर अयोध्या में लड़ा जाएगा। पार्टी की तरफ से साफ्ट हिंदुत्व की स्क्रिप्ट पहले ही लिखी जा चुकी है।
12 दिसंबर को अखिलेश यादव का सपरिवार अयोध्या कार्यक्रम उसी का हिस्सा है, ऐसा पार्टी नेता मानने लगे हैं। अयोध्या विधानसभा सीट से सबसे पहले पार्टी प्रत्याशी तेजनारायण पवन को उम्मीदवारी से इसे समझा जा सकता है। लखनऊ में पांच अगस्त को एक कार्यक्रम में उनकी उम्मीदवारी से घोषित हुई थी। राम मंदिर इसी अयोध्या विधानसभा क्षेत्र में आता है, जिस सीट से पवन पांडेय पार्टी उम्मीदवार हैं।
अयोध्या भारतीय जनता पार्टी की हिंदुत्व की वह प्रयोगशाला है, जिसके माध्यम से सत्ता के सबसे शिखर पर वह पहुंची है। 2024 के लोकसभा चुनाव में उसी अयोध्या की फैजाबाद लोकसभा सीट से सपा के अवधेश प्रसाद दो बार के सांसद भाजपा प्रत्याशी लल्लू सिंह को पराजित कर दिल्ली पहुंचे हैं।
माना जाता है कि भाजपा इस झटके से अभी तक उबर नहीं सकी। समाजवादी पार्टी एक बार फिर अयोध्या की विधानसभा सीट पर भाजपा को पटकनी देने के लिए प्रयासरत है। पांच बार विधायक रहे लल्लू सिंह को सपा प्रत्याशी पवन 2012 के अपने पहले ही चुनाव में हरा चुके हैं।
यह भी सही है कि उसके बाद 2017 व 2022 का चुनाव भाजपा प्रत्याशी वेदप्रकाश गुप्त से पवन पांडेय नहीं जीत पाये। अखिलेश यादव अयोध्या विधानसभा सीट पर लोकसभा चुनाव के परिणाम को पवन की जीत से दोहराकर भाजपा के हिंदुत्व के एजेंडे की धार को हमेशा के लिए कुंद करना चाहते हैं। पूर्व मंत्री अखिलेश के अयोध्या कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी नहीं देते।
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दीपोत्सव के मुख्य कार्यक्रम के दिन अखिलेश यादव के अयोध्या कार्यक्रम की जानकारी देकर हैडिंग मैनेजमेंट में बाजी उन्होंने जरूर मार ली। साथ ही समाजवादी पार्टी ने भाजपा को अयोध्या में ही चुनौती देने का मन बना लिया है।
वह इससे समझा जा सकता है कि अयोध्या सरयू नदी के किनारे है। सरयू के उस पार गोंडा व बस्ती जिला है। ऐसे में अखिलेश के कार्यक्रम में अयोध्या समेत चार-पांच जिलों के पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं का उमड़ना स्वाभाविक है, जिसकी भीड़ भाजपा के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगी।
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