Avadh University की परीक्षा में माइनस मार्किंग लागू होने से छात्र संगठनों में आक्रोश, बड़े आंदोलन की चेतावनी
डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में सम सेमेस्टर परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्र और माइनस मार्किंग प्रणाली के विरोध में छात्र संगठन उतर आए हैं। ...और पढ़ें

अविवि के अधिकारी को ज्ञापन सौंपते समाजवादी छात्र सभा के प्रदेश सचिव। जागरण

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जागरण संवाददाता, अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की सम सेमेस्टर की परीक्षा में लागू हुई वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्र व माइनस मार्किंग प्रणाली का विरोध करने बुधवार को छात्र संगठन उतर आए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के साथ ही समाजवादी छात्र सभा ने विवि प्रशासन के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया।
दोनों ही संगठनों ने माइनस मार्किंग पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। तत्काल इसे वापस लेने की मांग की। मांग न पूरी होने पर व्यापक विरोध प्रदर्शन प्रारंभ करने की घोषणा की। नई व्यवस्था को छात्र विरोधी बताया।
मानसिक उत्पीड़न वाला करार दिया। स्नातक व परास्नातक के सम सेमेस्टरों की परीक्षा में माइनस मार्किंग लागू है। स्नातक के चतुर्थ सेमेस्टर को शेष में वस्तुनिष्ठ प्रश्न भी पूछे जाएंगे।
उपकुलसचिव को सौंपा ज्ञापन
इससे पहले बड़ी संख्या में एबीवीपी कार्यकर्ता विवि पहुंचे। प्रशासनिक गेट पर विरोध प्रदर्शन कर सभा की। फिर उपकुलसचिव को ज्ञापन देकर कड़ा विरोध जताया। प्रांत सहमंत्री शिवम मिश्रा ने कहा नेगेटिव मार्किंग से विद्यार्थियों में भय व असमंजस है। यह करियर चौपट करने वाली नीति है। इसे समाप्त करना छात्र हित में है।
परीक्षा परिणाम पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है। इसलिए विवि इसे वापस ले। विभाग संयोजक शशांक विद्यार्थी, महानगर मंत्री जयश्री रावत, समाजकार्य विभाग की छात्रा रुचि पांडेय व इकाई अध्यक्ष राघवेंद्र तिवारी इस नियम को छात्र विरोधी बताया। कहा शिक्षा का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों में गहन समझ विकसित करना होता है।

इस प्रक्रिया में लर्निंग, इंटरनल असेसमेंट तथा विषय की व्याख्यात्मक समझ पर गलत असर पड़ेगा। माइनस मार्किंक सहित वस्तुनिष्ठ परीक्षा आयेाजित करना विद्यार्थियों के लिए चुनौतीपूर्ण एवं अनुचित है।
विभाग संगठन मंत्री अंकित भारतीय, प्रांत कार्यसमिति सदस्य उत्कर्ष पांडेय, इकाई मंत्री नेहा वर्मा, जिला संयोजक दिवाकर चौरसिया, विभाग कार्यालय प्रमुख अजय तिवारी, किशन सिंह, आदर्श चतुर्वेदी, संतोष शुक्ल, सुमेधा पाठक,अंशिका शुक्ला, शशांक शेखर त्रिपाठी,विकास यादव आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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समाजवादी छात्रसभा के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। उपकुलसचिव को एक ज्ञापन सौंपा गया। छात्र सभा ने सामान्य परीक्षा सुधारों के साथ इंजीनियरिंग संस्थान के सातवें सेमेस्टर के छात्रों की गंभीर समस्या को प्रमुखता से उठाया। माइनस मार्किंग का विरोध किया गया।
इंजीनियरिंग संस्थान के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के छात्रों का मुद्दा उठाया गया। तृतीय सेमेस्टर में बैक होने के कारण इन छात्रों को सातवें सेमेस्टर की परीक्षा से रोका गया था। भरोसा देने के बावजूद, बैक पेपर उत्तीर्ण करने के बाद अब तक इनकी सातवें सेमेस्टर की मुख्य परीक्षा नहीं कराई गई।

नेताओं ने कहा इन सभी का बर्बाद होने के कगार पर है। आठवें सेमेस्टर में प्रवेशित: छात्रों ने बिना किसी विलंब के कक्षाओं में बैठने की अनुमति दी जाए। बैक पेपर नियमों में ढील देते हुए तुरंत इनकी परीक्षा कराई जाए।
प्रदेश उपाध्यक्ष शिवांशु तिवारी ने नकल माफियाओं को लाभ पहुंचाने के लिए मानइस मार्किंग लागू हुई है। चेताया कि यदि मांग पूरी न हुई तो उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।
अधिकारियों ने छात्रों की मांग पर उचित कार्रवाही का दिलाया भरोसा
महानगर अध्यक्ष अजय मिश्रा ने इंजीनियरिंग छात्रों के प्रति संवेदनशीलता बरतने की मांग की। कहा छात्रों के धैर्य की परीक्षा लेना बंद करो, अन्यथा आपको पछताना होगा। विवि के अधिकारियों ने छात्रों की जायज मांगों, विशेषकर इंजीनियरिंग विभाग के सातवें सेमेस्टर की परीक्षा के आयोजन पर त्वरित विचार कर उचित कार्यवाही करने का भरोसा दिया।
इस अवसर पर सौरभ यादव, हर्षवीर, अर्चना सिंह, अंजली मिश्रा, सुभम सिंह, संदीप कुमार, ऋषभ कुमार, अंकित यादव, अंशुमान सिंह, सुजीत यादव, सचिन यादव, अंशुमान तिवारी, अभिषेक यादव उपस्थित रहे।
छात्र नेता राणा आशुतोष सिंह के नेतृत्व में विश्वविद्यालय के छात्राओं ने काली पट्टी बांधकर विरोध व्यक्त किया। विभाग विभाग जाकर विभागाध्यक्ष से मिले और मांग रखी। इस अवसर पर योगेश सिंह, राज सिंह, सौरभ चौधरी, जतिन वर्मा, आयुष सिंह, कुंदन सिंह, रवींद्र वर्मा, रितिक सिंह रहे।