Avadh University की परीक्षा में पहली बार माइनस मार्किंग, एग्जाम में होंगे बहुविकल्पीय प्रश्न
डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की परीक्षाओं में पहली बार माइनस मार्किंग लागू होगी। अप्रैल में होने वाली स्नातक व परास्नातक की सम सेमेस्टर परीक् ...और पढ़ें

Avadh University की परीक्षा में पहली बार माइनस मार्किंग।

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प्रवीण तिवारी, अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की परीक्षा में पहली बार माइनस मार्किंग (निगेटिव अंक) व्यवस्था लागू कर दी गई है। ये प्रविधान अप्रैल माह में प्रस्तावित स्नातक व परास्नातक की सम सेमेस्टर परीक्षाओं में अस्तित्व में आएंगे। इसकी तैयारी प्रारंभ हो गई है। इन परीक्षाओं में बहुविकल्पीय प्रश्नपत्र भी आएंगे।
साथ ही माइनस मार्किंग होगी। स्नातक चतुर्थ सेमेस्टर के प्रश्नपत्र ही विस्तृत उत्तरीय होंगे, जिसमें लिखित परीक्षा का विधान है, शेष स्नातक दूसरे व छठे में वस्तुनिष्ठ (बहुविकल्पीय) प्रश्न किए जाएंगे। प्रश्नपत्र का मॉडल है। विवि प्रशासन ने प्रश्नपत्र तैयार करने वाले शिक्षकों से अपनी मंशा स्पष्ट कर दी है।
शिक्षक विवि के निर्देश के अनुरूप ही वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्र कर रहे हैं। विवि की तैयारी के अनुसार एक प्रश्न का उत्तर सही होने पर विद्यार्थियों को एक अंक मिलेगा और यदि प्रश्न का उत्तर गलत दिया गया तो एक तिहाई अंक काट लिए जाएंगे।
इस व्यवस्था का विरोध कर रहे विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. जनमेजय तिवारी ने बताया कि जिन शिक्षकों को प्रश्नपत्र बनाने के लिए कहा गया है, उनसे माइनस मार्किंग व्यवस्था के बारे में बता दिया गया है। कहा कि स्नातक के चतुर्थ सेमेस्टर परीक्षा ही विस्तृत प्रश्न संबंधित प्रश्नपत्र तैयार हो रहे हैं।
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परास्नातक के दूसरे व चतुर्थ सेमेस्टर में वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्र ही पूछे जाएंगे। फिलहाल, अयोध्या, सुलतानपुर, अंबेडकरनगर, बाराबंकी अमेठी के अलावा देवीपाटन मंडल के विद्यार्थियों को भी इस व्यवस्था से ही परीक्षा देनी होगी। परीक्षा नियंत्रक विनय कुमार सिंह ने इसकी पुष्टि की।
कुलपति से मिले प्राचार्यों के प्रतिनिधिमंडल ने दर्ज कराई आपत्ति
वस्तुनिष्ठ व माइनस मार्किंग प्रविधान की परीक्षा का विरोध भी प्रारंभ हो गया है। अवध विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक संघ ने बहुविकल्पीय प्रश्नपत्र का प्रतिकार किया ही है। साथ ही कालेजों के प्राचार्यों ने कुलपति से मिलकर इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।
साकेत छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष गौरव सागर ने कहा कि इसमें स्ववित्तपोषित कालेजों को फायदा होगा, पर एडेड कालेजों के विद्यार्थियों के लिए संकट है। जहां नकलविहीन परीक्षा होती है, उनके विद्यार्थियों को बड़ा नुकसान होगा। उन्होंने कुलपति से माइनस मार्किंग व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की है।