अयोध्या राम मंदिर में आधी रात जन्मे श्रीकृष्ण, भव्य आरती से गूंजा दरबार
अयोध्या के राम मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव धूमधाम से मनाया गया, जहां आधी रात को भगवान के जन्म ...और पढ़ें
HighLights
राम मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का भव्य उत्सव।
आधी रात को भगवान का जन्म, 501 बत्ती आरती।
रामलला की श्रृंगार आरती अब और भव्य।
जागरण संवाददाता, अयोध्या। शुक्रवार को राम मंदिर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का उल्लास बिखरा रहा ।आधी रात को भगवान ने जन्म लिया तो हजारों भक्त इसके साक्षी बने। महासचिव स्वामी गोविंददेव गिरि ट्रस्टी महंत दिनेंद्रदास के साथ मंदिर में उत्सव प्रमुख इंद्रदेव आचार्य ने भगवान की आरती उतारी। भजन कीर्तन होता रहा। भगवान की 501 बत्तियों से आरती की गई।
भगवान के जन्म के पदों का गायन शाम से शुरू हो गया था। पारंपरिक परिधान से अलग पीत वस्त्र में सुशोभित अर्चक भगवान की आराधना में लीन रहे। इस अवसर पर श्रीमद् भागवत के दशम स्कंध के पहले, दूसरे व तीसरे अध्याय का पारायण हुआ। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव मंदिर गर्भगृह के सामने मनाया गया। भगवान को झूले युक्त आसन पर विराजित किया गया।
रात्रि के 12 बजते ही मंदिर परिसर घंटा घड़ियाल की ध्वनि तथा भक्तों के जयकारो से गूंज उठा। आरती के समय भगवान के पारंपरिक जन्मोत्सव के पदों का गायन भी चलता रहा। भगवान को नए वस्त्र पहनाए गए और श्रृंगार कर उनकी आरती उतारी गई।
इससे पहले भगवान को माखन मिश्री सहित व्यंजनों का भोग लगाया गया और इसे भक्तों में वितरित किया गया।मुदित भक्त बस जयकारे लगाते रहे। मंदिर उत्सव की भावधारा में डूबा रहा। इसके बाद ट्रस्ट के महासचिव गोविंददेव गिरि व सदस्य महंत दिनेंद्रदास सहित सभी अर्चकों ने आरती की। मंदिर परिषद में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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भव्य हुई रामलला की श्रृंगार आरती नित्य होगी 501 बत्तियों से आरती
शनिवार को रामलला की श्रृंगार आरती और भव्य हो गई। अब गर्भगृह के बाहर से चार अर्चक 108 -108 बत्तियों से भी भगवान की आरती करेंगे यह क्रम शनिवार से ही शुरू हो गया। अब नित्य इसी तरह की आरती सजेगी। आचार्य इंद्रदेव ने बताया कि धर्म समिति गठन के बाद भगवान की सेवा रामानंदी परंपरा से और समृद्ध करने का प्रयास किया जा रहा है।
