श्रीराम तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, साक्षात्कार में पूछा- सीईओ बनेंगे, तो राम मंदिर में कैसे करेंगे भीड़ प्रबंधन
Ram Mandir CEO Selection: अंतिम दिन बुधवार को शेष आठ आवेदकों ने अंतिम साक्षात्कार दिया। अब चयन समिति इन आवेदकों में से छंटनी करके तीन नामों का पैनल तै ...और पढ़ें

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट राम मंदिर
HighLights
राम मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पद के लिए साक्षात्कार देने पहुंचे आवेदकों से कई सवाल
दूसरे दिन भी चला अंतिम साक्षात्कार, तीन नामों का पैनल बना दो सितंबर तक ट्रस्ट को सौंपेंगी चयन समिति
जागरण संवाददाता, अयोध्या। अगर आपको राम मंदिर जैसे वैश्विक महत्व के धार्मिक स्थल का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बना दिया जाए तो आप भीड़ प्रबंधन कैसे करेंगे, किस प्रकार से मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं को सुगमता से रामलला का दर्शन कराएंगे। कैसे परिसर को सुरक्षित रखेंगे। न्यूनतम खर्च में किस प्रकार की सुविधाएं श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराएंगे।
राम मंदिर के सीईओ पद के लिए अंतिम साक्षात्कार देने पहुंचे आवेदकों से चयन समिति ने इसी प्रकार के प्रश्न पूछे। इसके साथ ही आवेदकों के अब तक के प्रशासकीय व प्रबंधकीय अनुभवों के बारे में जानकारी भी ली गई। अंतिम दिन बुधवार को शेष आठ आवेदकों ने अंतिम साक्षात्कार दिया। अब चयन समिति इन आवेदकों में से छंटनी करके तीन नामों का पैनल तैयार कर दो सितंबर तक ट्रस्ट को सौंपेगी।
चढ़ावा चोरी उजागर होने के बाद श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति का निर्णय लिया है। गत 13 जुलाई को इसके लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। सीईओ पद के लिए 50 से 70 वर्ष की आयु के कुल 5585 आवेदकों ने आवेदन किया था। इसमें से 3877 आवेदकों ने चयन समिति के सामने अपना बायोडाटा प्रस्तुत किया। इनमें से 1580 आवेदनों की विस्तार से जांच आदि के बाद योग्य पाए गए 111 आवेदकों का आनलाइन साक्षात्कार लिया गया था। इनमें से छंटनी के पश्चात 16 आवेदकों को अंतिम साक्षात्कार के लिए अयोध्या में बुलाया गया था।
मंगलवार को आठ आवेदकों ने साक्षात्कार दिया था। बुधवार को शेष आठ आवेदक इंटरव्यू के लिए रामजन्मभूमि परिसर स्थित ग्रीन हाउस पहुंचे। इन आवेदकों में पूर्व आइपीएस अधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, राजस्थान की सेवानिवृत्त महिला आईएएस अधिकारी, बिहार के सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी परेश सक्सेना, सेना के ब्रिगेडियर सहित अन्य शामिल रहे। चयन समिति के सदस्यों ने आवेदकों के अनुभवों के साथ-साथ आपात स्थिति में प्रबंधन संभालने के बारे में पूछा।
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सूत्रों ने बताया कि समिति के तीनों सदस्य रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी व परमाणु वैज्ञानिक डा. सुरेश हावरे आवेदकों से अलग-अलग प्रकार के सवाल करते रहे। एक-एक आवेदक से लगभग 35-40 मिनट तक विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे गए। चयन समिति की ओर से सौंपे गए तीन नामों के पैनल पर विचारोपरांत अब दो सितंबर को प्रस्तावित ट्रस्ट की बैठक में किसी एक नाम पर ट्रस्टियों की सहमति बन जाने की पूरी संभावना है।
ऐसे चली सीईओ की चयन प्रक्रिया
समिति ने कई चरणों में कठोर, पारदर्शी और व्यापक मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी की है। विभिन्न क्षेत्रों और पृष्ठभूमियों का प्रतिनिधित्व करने वाले 16 आवेदकों से आमने-सामने बातचीत के लिए आमंत्रित किया। ये सभी आवेदकों में 0.3 प्रतिशत से भी कम रहा। फाइनल राउंड तक पहुंचने वाले आवेदकों में सैन्य सेवा में योगदान दे चुके, सेवानिवृत्त आईएएस और आईपीएस अधिकारी और विभिन्न सरकारी व गैर-सरकारी सेवाओं के पेशेवर शामिल रहे।
सीईओ के आवेदनों की मूल्यांकन प्रक्रिया के प्रथम चरण में 5,585 प्रारंभिक आवेदनों में से 3,877 को विस्तृत बायोडाटा दिया। इनसे प्रबंधन क्षमताओं, वृहद स्तर के आयोजनों व जनशक्ति प्रबंधन के अनुभव, व्यक्तिगत उत्कृष्टता, भाषा प्रवीणता, दूरदृष्टि और रणनीतिक योजनाओं पर जानकारी देने का अनुरोध किया गया था।
दूसरे चरण में 1,580 उम्मीदवारों का व्यापक मूल्यांकन किया गया। उनमें से लगभग 111 उम्मीदवारों को अलग-अलग दिनों में आयोजित आनलाइन बातचीत के लिए आमंत्रित किया गया। इन उम्मीदवारों का मूल्यांकन संचार कौशल, पेशेवर अनुभव, दूरदृष्टि, व्यक्तित्व, नेतृत्व गुण और तकनीकी विशेषज्ञता के आधार पर किया गया। आनलाइन मूल्यांकन के बाद तीसरा चरण चरण अयोध्या में संपन्न किया गया, जिसमें 16 आवेदक शामिल हुए। ये रक्षा, नौकरशाही, व्यावसायिक जगत व औद्योगिक क्षेत्रों, शिक्षा और सूचना प्रौद्योगिकी के शीर्ष व्यक्ति रहे।
चयन समिति के सदस्य डा. सुरेश हावरे ने बताया कि यह मूल्यांकन प्रबंधन कौशल, व्यक्तित्व, दूरदृष्टि, रणनीतिक योजनाओं, तकनीकी विशेषज्ञता और नेतृत्व क्षमता पर केंद्रित था। अंतिम दौर के लिए आमंत्रित सभी 16 उम्मीदवार अपने-क्षेत्रों के कुशल पेशेवर और प्रमुख उपलब्धियां हासिल करने वाले रहे। यह चयन विभिन्न क्षेत्रों में सिद्ध क्षमता व उपलब्धि की पहचान करने वाला रहा, जिससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व की संस्था का नेतृत्व करने के लिए आवश्यक विविध विशेषज्ञता प्रदर्शित हो सके। अब समिति तीन नामों का पैनल ट्रस्ट को सौंपेगी।