चढ़ावा चोरी: जेल में बंद आरोपियों पर कड़ा पहरा, सिर्फ 10 सगे-संबंधियों से ही कर सकते हैं मुलाकात
अयोध्या में चढ़ावा चोरी के आरोपितों से जेल में मुलाकात के लिए सख्त नियम बनाए गए हैं, जिसमें केवल दस चुनिंदा रक्त संबंधी या पत्नियां ही मिल सकती हैं।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपी।

समय कम है?
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रविप्रकाश श्रीवास्तव, अयोध्या। जेल में बंद चढ़ावा चोरी के आरोपितों की मुलाकात पर भी कड़ा पहरा है। आरोपितों से उनके दस चुनिंदा रक्त संबंधी ही जेल में मुलाकात कर सकते हैं। रक्त संबंधियों से इतर उनकी पत्नियां ही मिल सकती हैं। जेल प्रशासन इन्हें लेकर विशेष सतर्कता बरत रहा है।
विशेष सुरक्षा में रखे गये इन बंदियों से मुलाकात की प्रक्रिया भी आम बंदियों जैसी नहीं है। अलग कमरे में सीसीटीवी कैमरे के समक्ष स्वजनों से इनकी भेंट कराई जाती है।
इस दौरान स्थानीय अभिसूचना इकाई का कर्मी भी रहता है। शनिवार को चढ़ावा चोरी में आरोपित करुणेश और रमाशंकर मिश्र के एक-एक स्वजन ने निगरानी की इसी कड़ी व्यवस्था के बीच उनसे मुलाकात की।
चढ़ावा चोरी के मामले में करुणेश, रमाशंकर मिश्र, रामशंकर यादव, मनीष यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, अविनाश शुक्ल को जेल भेजा गया है। सलाखों के पीछे दिन काट रहे इन सभी आरोपितों का कस्टडी रिमांड न्यायालय से प्राप्त कर पुलिस इनसे पूछताछ कर चुकी है।
जेल में भी पुलिस इनसे पूछताछ कर चुकी है। रिमांड के दौरान उनके पास से वाहन, आभूषण व नकदी और संपत्ति से जुड़े अभिलेख पुलिस ने बरामद किए हैं, जिनकी पड़ताल चल रही है। इसे लेकर एसआइटी जांच भी चल रही है।
चढ़ावा चोरी प्रकरण, जितना संवेदनशील है, उसके आरोपितों की निगरानी भी उतनी ही सख्त है। इनसे मिलने के लिए, जहां सीमित संख्या में लोगों को अनुमति दी गई है, वहीं उनके लिए आने वाली वस्तुओं की तलाशी जेल कर्मियों से न करा कर उच्चाधिकारियों की निगरानी में कराई जाती है।
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