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चढ़ावा चोरी: नई SIT पुरानी जांच रिपोर्टों का कर रही अध्ययन, अब तक छूटे लोगों से भी हो सकती है पूछताछ

Published: Wed, 29 Jul 2026 11:33 AM (IST)

Ram Mandir | सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित नई एसआईटी ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अभी जांच ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, अयोध्या। Ram Mandir | राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित नए विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अभी अपनी जांच नहीं शुरू की है। दल में शामिल अधिकारी पुरानी रिपोर्टों और पुलिस की जांच का पर्यवेक्षण व अध्ययन कर रहे हैं।

इस दौरान कुछ नए तथ्य सामने आने या अस्पष्ट रहे सवाल मिलने पर जांच आगे बढ़ने की संभावना है। नई एसआईटी के उन ट्रस्ट कर्मियों, ट्रस्टियों व बैंक अधिकारियों से भी पूछताछ करने की संभावना है, जिनसे अब तक न पूछताछ हुई, न उनका नाम प्राथमिकी में है।

चोरी सामने आने पर मंदिर से जुड़े ऐसे कई लोगों पर सवाल उठे थे, जो इस प्रकरण से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष जुड़े रहे थे।

जून महीने में चढ़ावा चोरी का मामला आया था सामने

गत माह जून में चढ़ावा की गणना के दौरान चोरी सामने आने पर पहले ट्रस्ट ने आंतरिक जांच कराई थी और संदिग्ध कर्मियों से बड़ी धनराशि रिकवर की थी, लेकिन जब यह प्रकरण सुर्खियों में आया और हंगामा मचा, तो ट्रस्ट ने राज्य सरकार से जांच की संस्तुति की थी।

एसआईटी गठित होने के बाद जब 15 जून से मामले की जांच शुरू हुई थी तो छह दिनों में लगभग डेढ़ सौ कर्मियों से पूछताछ हुई, इनमें कई संदिग्ध भी रहे, जिनकी भूमिका काे लेकर विभिन्न प्रकार के सवाल भी उठाए गए थे।

25 जून को दर्ज हुआ था मुकदमा

एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट पर 25 जून को प्राथमिकी तो दर्ज हुई, लेकिन इसमें आठ लोग ही शामिल किए गए, जिसमें छह गणना कर्मियों के अलावा दो ट्रस्ट कर्मी रहे।

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जांच के बीच ही दान में दिए गए आभूषणों के लापता होने, भूमि खरीद में वास्तविक कीमत से कई गुना अधिक धनराशि दिए जाने, विभिन्न आयोजनों पर अधिक भुगतान किए जाने सहित अन्य प्रकार के आरोपों का जवाब अभी सामने ही नहीं आया है।

6 जुलाई को हुई थी ट्रस्ट की बैठक

हालांकि ट्रस्ट की ओर से बीती छह जुलाई को हुई बैठक में तीन-चार प्रकार के आभूषणों की जानकारी सार्वजनिक करके दान के सभी आभूषण सुरक्षित होने का दावा किया है, लेकिन इससे उन दानदाताओं को अभी संतुष्टि नहीं हुई, जिन्होंने आरोप लगाए थे।

इसी के साथ भूमि खरीद व अधिक खर्चों को लेकर उठे सवाल भी अनसुलझे ही हैं। अब जबकि नई एसआईटी अपनी जांच शुरू करेगी, तो सुप्रीम कोर्ट के निर्देशन में उसे अनसुलझे रहे सवालाें को भी सुलझाना होगा। हालांकि, नई एसआईटी में शामिल एसएसपी अयोध्या डा. गौरव ग्रोवर ने कहाकि उन्हें अभी तक कोई आदेश नहीं प्राप्त हुआ है। वह पहले से चल रही जांच का पर्यवेक्षण कर रहे हैं।

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