रामजन्मभूमि परिसर के चारों प्रवेश द्वारों का ट्रस्ट कराएगा लोकार्पण, पहले शुरू होगा पूरक मंदिरों में दर्शन
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट रामजन्मभूमि परिसर के सभी प्रवेश द्वारों का लोकार्पण करेगा। यह जगद्गुरु मध्वाचार्य द्वार के निर्माण के बाद होगा। ...और पढ़ें

रामजन्मभूमि परिसर के चारों प्रवेश द्वारों का ट्रस्ट कराएगा लोकार्पण।

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जागरण संवाददाता, अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से रामजन्मभूमि परिसर के सभी प्रवेश द्वारों का नामकरण किए जाने के बाद अब इनका लोकार्पण भी कराया जाएगा। यह आयोजन परिसर के प्रवेश द्वार संख्या-तीन (जगद्गुरु मध्वाचार्य द्वार) का निर्माण पूरा हो जाने के बाद ही संभावित है।
बताया जा रहा कि संतों के नाम पर जाने वाले प्रवेश द्वारों का लाेकार्पण भी साधु-संतों के माध्यम से ही कराया जाएगा। ये संत-धर्माचार्य रामनगरी के भी हो सकते हैं। हालांकि अभी इनके लोकार्पण से पहले ट्रस्ट की प्राथमिकता में पूरक मंदिरों में दर्शन शुरू कराना है।
रामजन्मभूमि परिसर के तीन प्रवेश द्वारों क्रमश: जगद्गुरु आद्य शंकराचार्य द्वार, जगद्गुरु रामानुजाचार्य द्वार व जगद्गुरु रामानंदाचार्य द्वार का निर्माण ट्रस्ट ने गत वर्ष ही पूरा करा दिया है। राम मंदिर के मुख्य प्रवेश मार्ग यानी रामजन्मभूमि पथ को ही जगद्गुरु रामानंदाचार्य द्वार के नाम से जाना जाता है।
यह प्रवेश मार्ग राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के समय से ही संचालित था, परंतु इसे भव्य रूप गत वर्ष प्रदान किया गया था। इसी मार्ग से सामान्य दर्शनार्थी मंदिर में प्रवेश पाते हैं। आद्य शंकराचार्य द्वार व रामानुजाचार्य द्वार का निर्माण कार्य पिछले वर्ष 25 नवंबर को संपन्न हुए ध्वजारोहण समारोह से पहले पूरा हुआ था। इनमें से जगद्गुरु आद्य शंकराचार्य द्वार को अतिविशिष्ट प्रवेश द्वार के नाम से जाना जाता है।
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इसी प्रवेश द्वार से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व राज्यपाल जैसे अतिविशिष्ट लोगों के आगमन पर प्रवेश कराया जाता है। पहले विशिष्ट अतिथियों को गेट नंबर-तीन से भी प्रवेश दिया जाता था, लेकिन ध्वजारोहण के बाद इसका निर्माण कार्य शुरू हो जाने की वजह से इसे बंद रखा गया है।
वहीं, उत्तरी दिशा में स्थित जगद्गुरु रामानुजाचार्य प्रवेश द्वार को वर्तमान में बंद रखा गया है। अभी इस रास्ते से सुरक्षाकर्मियों को वैकल्पिक तौर पर प्रवेश दिया जा रहा है।
गेट नंबर तीन का निर्माण पूरा होने के बाद जब ट्रस्ट की ओर से सभी चारों प्रवेश द्वारों को लोकार्पित किया जाएगा, तो श्रद्धालुओं का आवागमन सुचारू हो जाएगा और ट्रस्ट को अतिरिक्त विकल्प भी मिल जाएंगे। माना जा रहा कि वर्तमान में खुले वैकल्पिक प्रवेश द्वारों को आगे बंद भी कराया जा सकता है।