अयोध्या में राम परिवार और पूरक मंदिरों की मनाई गई प्रथम वर्षगांठ, हुआ अनुष्ठान का आयोजन
अयोध्या में राम मंदिर के प्रथम तल पर प्रतिष्ठित राम परिवार और सात पूरक मंदिरों की पहली वर्षगांठ मनाई गई। इस अवसर पर श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस ...और पढ़ें
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राम परिवार और पूरक मंदिरों की मनाई गई प्रथम वर्षगांठ।

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जागरण संवाददाता, अयोध्या। राम मंदिर के प्रथम तल पर प्रतिष्ठित राम परिवार और रामजन्मभूमि परिसर के सात पूरक मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा की प्रथम वर्षगांठ मंगलवार को मनाई गई। इस अवसर पर श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से मंदिरों के सम्मुख और यज्ञशाला में अनुष्ठान आयोजित किया गया। विधिवत पूजन-अर्चन व हवन हुआ।
अर्चकों के नेतृत्व में सभी मंदिरों के अलग-अलग यजमानों ने पूजा की और देवों का अभिषेक व भव्य श्रृंगार किया गया। ट्रस्ट ने सभी मंदिरों के लिए अलग-अलग आठ यजमान बनाए थे। पूजन संपन्न होने के बाद छप्पन भोग समर्पित किया गया और इसका श्रद्धालुओं में वितरण भी हुआ।
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से गंगा दशहरा (ज्येष्ठ शुक्ल दशमी) की तिथि पर गत वर्ष पांच जून को राम परिवार और सात पूरक मंदिरों (भगवान शिव, गणेश, सूर्य, मां अन्नपूर्णा, दुर्गा, हनुमान जी व शेषावतार) में प्रतिमाओं की सामूहिक प्राण प्रतिष्ठा कराई गई थी।
तिथि के अनुसार ट्रस्ट की ओर से मंगलवार को इन मंदिरों की प्रथम वर्षगांठ मनाई गई। सुबह सात बजे से अपराह्न 12 बजे तक संपन्न हुए अनुष्ठानों के अंतर्गत सभी मंदिरों में विराजे देवों और राजा राम की सर्वप्रथम विशेष पूजा हुई। तत्पश्चात भव्य श्रृंगार करके अभिषेक कराया गया और हवन में आहुतियां प्रदान की गईं।
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ट्रस्ट की ओर से राम मंदिर के प्रथम तल पर प्रतिष्ठित राम परिवार के लिए पूर्व महापौर रिषिकेश उपाध्याय व उनकी पत्नी वंदना उपाध्याय को यजमान बनाया गया था, जबकि परकोटे की दक्षिणी भुजा के मध्य निर्मित हनुमान मंदिर में पूजन महापौर महांत गिरीशपति त्रिपाठी व उनकी पत्नी राजलक्ष्मी त्रिपाठी ने किया।
इसी तरह परकोटे के दक्षिणी-पश्चिमी कोण पर बने सूर्य मंदिर में पूजन शक्ति सिंह व उनकी पत्नी गीता सिंह, मां अन्नपूर्णा मंदिर में निशेंद्र मोहन मिश्र गुड्डू व उनकी पत्नी ने पूजन किया। इनके अतिरिक्त यजमानों में रूपेश ओझा, मनोज श्रीवास्तव, रोहित प्रमाणिक व एक अन्य शामिल रहे। पूजन के पश्चात यजमानों की ओर से छप्पन भोग समर्पित किया गया।
प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर सभी मंदिरों की विशेष रूप से सजावट कराई गई थी। राम मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव ने बताया कि सभी मंदिरों में पूजन के साथ अर्चकों ने पाठ-पारायण किया गया। राम परिवार में वाल्मीकि रामायण का पाठ कराया गया।