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    चढ़ावा चोरी : SIT अब सुलझाएगी दान के आभूषणों और जमीन खरीद की गुत्थी, कई दानदाताओं ने बताई व्यथा

    Updated: Wed, 24 Jun 2026 05:10 AM (IST)

    एसआईटी ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है और अब दान के आभूषणों व भूमि खरीद की गुत्थी सुलझाने अयोध्या लौटेगी। कई दानदाताओं ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. एसआईटी ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी की प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी।

    2. दान के आभूषणों और भूमि खरीद की जांच जारी रहेगी।

    3. कई दानदाताओं ने ट्रस्टियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

    लवलेश कुमार मिश्र, अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावा चोरी प्रकरण को छह दिनों तक खंगालने के बाद विशेष जांच दल (एसआइटी) ने प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी। अब एसआइटी को फिर अयोध्या पहुंच जांच आगे बढ़ानी है और देशभर से दान में मिले आभूषणों का पता लगाने के साथ भूमि खरीद को लेकर उठे सवालों को भी सुलझाना है।

    एसआइटी ने उन लोगों की सूची बनाकर संपर्क भी शुरू किया है, जिन्होंने बीते दिनों आभूषणों व बहुमूल्य वस्तुएं गायब करने का आरोप ट्रस्टियों व अन्य पर लगाया है। एसआइटी ने भूमि खरीद में शामिल बिचौलियों को पहले ही बुलाया है और ट्रस्टियों से कागजात भी मांगे हैं। एसआइटी व्यवस्था में सुधार के लिए भी पड़ताल करेगी।दानराशि में गबन का प्रकरण उछलने के बाद एसआइटी 15 जून को लखनऊ कमिश्नर विजय विश्वास पंत के नेतृत्व में यहां जांच करने पहुंची थी।

    गोपाल राव से व्यवस्थाओं की ली जानकारी

    पहले दिन ट्रस्ट महासचिव चंपतराय व व्यवस्थापक गोपाल राव से व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई। फिर गणना से जुड़े संदिग्ध कर्मियों और अन्य व्यवस्थाओं में संलग्न सेवादारों से पूछताछ हुई। इसी बीच ट्रस्टी डा. अनिल मिश्र भी चेन्नई से आकर 18 जून को पेश हुए। रामशंकर यादव टिन्नू व अन्य ने उन्हीं पर सर्वाधिक जिम्मेदारियां बताईं तो टिन्नू व दूसरे लोगों के बयान से मिलान हुआ। छह दिन कई चक्र में इन लोगों से पूछताछ हुई और समस्त व्यवस्थाएं समझी गईं।

    इसके निष्कर्षों के आधार पर प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को दी गई। रिपोर्ट तो सार्वजनिक नहीं हुई, परंतु सूत्रों का कहना है कि एसआइटी ने तीनों जिम्मेदारों सहित लगभग 15 लोगों को दोषी माना है और ट्रस्ट के पुनर्गठन की संस्तुति की है। प्रारंभिक जांच के बीच ही दान के आभूषणों से संबंधित कई मामले सामने आने पर इसमें भी व्यापक चोरी मानी जा रही है, इसलिए एसआइटी इनसे भी पूछताछ की तैयारी में है। सूत्रों ने बताया कि ऐसे लोगों से संपर्क कर लिया गया है।

    खबरें और भी

    संभव है कि बुधवार को एसआइटी के पहुंचने पर इन्हें बुलाया जाए। ट्रस्ट के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह व पूर्व इंजीनियर दीनानाथ वर्मा के भी आने की संभावना है। उधर, प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही ट्रस्टियों पर लग रहे अधिक कीमत पर भूमि खरीदने के आरोपों की भी जांच होनी है। आरोप है कि इसमें दानराशि का दुरुपयोग कर लाभ कमाया गया। एसआइटी ने इस अनुत्तरित सवाल का जवाब तलाशने के लिए संबंधित चार-पांच स्थानीय लोगों को भी पूछताछ के लिए बुलाया है

    रामलला को दान में दिया गया चांदी का कागभुसुंडि भी गायब

    दान के आभूषणों व रत्नों के लापता हो जाने के आरोपों के बीच ही मंगलवार को नया मामला भी सामने आया है। अनीता भारद्वाज नामक महिला श्रद्धालु का कहना है कि उन्होंने महासचिव चंपतराय को चांदी का कागभुसुंडि सौंपा था। उन्होंने मंदिर में अत्यधिक भीड़ होने से कारसेवकपुरम में ही दान लिया था, लेकिन कई बार संपर्क के बाद भी रसीद नहीं दी गई।

    इससे पहले इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुराग रस्तोगी ने चांदी की 40 ईंटें, विश्व सिंधी सेवा संगम के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डा. राजू मनवानी ने चांदी की 200 ईंटें और जौनपुर के जंघई निवासी अजय विश्वकर्मा ने रत्नजड़ित हार और चांदी की चरण पादुका गायब करने का आरोप लगाया है।