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    राम मंदिर दान चोरी मामला: नहीं लौटे SIT के सदस्य, तीन दिन से ठप पड़ी जांच

    Updated: Thu, 25 Jun 2026 10:20 AM (IST)

    राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी ने प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंप दी है, लेकिन सदस्य अयोध्या नहीं लौटे, जिससे जांच तीन दिनों से ठप ह ...और पढ़ें

    प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपने के बाद अब सदस्यों को करनी है दान के आभूषणों व भूमि खरीद के मामले की जांच। जागरण

    प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपने के बाद अब सदस्यों को करनी है दान के आभूषणों व भूमि खरीद के मामले की जांच। जागरण

    HighLights

    1. एसआईटी ने प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंपी, जांच ठप।

    2. जांच दल के सदस्य अयोध्या नहीं लौटे, कार्य रुका।

    3. दान के आभूषणों व भूमि खरीद की भी होगी पड़ताल।

    जागरण संवाददाता, अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच कर रही एसआइटी (विशेष जांच दल) प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंपने के बाद अयोध्या नहीं लौटी। बुधवार को भी सदस्यों के आने की संभावना थी, परंतु शाम तक पता नहीं चला। इस कारण रविवार से ही जांच ठप है। हालांकि दल से जुड़ा स्टाफ रामजन्मभूमि परिसर में मौजूद रह कर पहले के बयान व साक्ष्यों की ड्राफ्टिंग कर रहा है।

    माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री से मिले निर्देशों के अनुसार सदस्य अब गुरुवार को यहां आकर जांच आगे बढ़ाएंगे। एसआइटी को अंतिम जांच रिपोर्ट 15 दिनों में सौंपनी है और प्रारंभिक जांच के बीच ही मीडिया में सामने आए दान के आभूषणों व भूमि खरीद से जुड़े सवालों के जवाब तलाशने हैं।

    राज्य सरकार की ओर से निर्देश मिलने के बाद एसआइटी के सदस्य विशेष सचिव, वित्त नीलरतन कुमार व आइजी रेंज लखनऊ किरण एस. ने 15 जून काे लखनऊ कमिश्नर विजय विश्वास पंत के नेतृत्व में यहां पहुंच कर जांच शुरू की थी। छह दिनों की जांच में ट्रस्टियों व नकदी की गणना से जुड़े ट्रस्ट व बैंक कर्मियों के बयान दर्ज किए। इसके बाद मंदिर के अन्य सेवादारों को बुला कर पूछताछ की गई थी। लगभग डेढ़ सौ लोगों के बयान दर्ज कर उनका मिलान कराया गया।

    शनिवार शाम तीनों सदस्य लखनऊ रवाना हुए और दो दिन के अंतराल के बाद मंगलवार को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी। इस रिपोर्ट कई संस्तुतियों के साथ न केवल एफआइआर की सिफारिश की गई, बल्कि ट्रस्टियों सहित 14 लोगों को दोषी माना गया। हालांकि अभी तक न तो प्राथमिकी दर्ज हुई, न ही एसआइटी सदस्य लौटे। अब गुरुवार को आगे की जांच शुरू होने के आसार हैं।

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    टीम को उन आभूषणों की स्थिति स्पष्ट करनी है, जिन्हें भक्तों ने दान में दिया था और अधिक कीमत पर ट्रस्ट के लिए भूमि खरीदने के आरोपों की सत्यता भी परखनी है। मंदिर निर्माण के समय से अब तक ट्रस्ट के लिए राम मंदिर व आसपास के क्षेत्र में लगभग 44 एकड़ जमीन खरीदी गई है, जिन पर कई प्रकल्प भी संचालित हो रहे हैं। साथ ही ट्रस्ट के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह व इंजीनियर दीनानाथ वर्मा का बयान भी दर्ज करना है।

    आप सांसद संजय सिंह को एसआइटी ने बुलाया
    ट्रस्ट की भूमि खरीद प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठा रहे आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह को एसआइटी ने बयान दर्ज कराने के लिए बुला लिया है। निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि सांसद को लखनऊ मंडलायुक्त कार्यालय से दूरभाष पर सूचित किया गया है। उन्हें गुरुवार सुबह 11 बजे लखनऊ कार्यालय में बुलाया गया है। सांसद ने ट्रस्टियों पर कई गुना अधिक कीमत पर जमीन खरीदने का आरोप लगाया है।