Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    चढ़ावा चोरी मामला: SIT और पुलिस की बरामदगी रिपोर्ट में लगभग 1.33 लाख रुपए का अंतर, जांच पर उठे सवाल

    Updated: Thu, 09 Jul 2026 04:39 AM (IST)

    राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में एसआईटी और पुलिस की बरामदगी रिपोर्ट में 1.33 लाख रुपये से अधिक का अंतर सामने आया है। ...और पढ़ें

    राम मंदिर के प्रथम तल पर राम परिवार के समक्ष रखी दानपेटिकाएं

    राम मंदिर के प्रथम तल पर राम परिवार के समक्ष रखी दानपेटिकाएं

    HighLights

    1. एसआईटी और पुलिस की बरामदगी रिपोर्ट में बड़ा अंतर।

    2. राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में जांच एजेंसियां आमने-सामने।

    3. एक लाख तैंतीस हजार रुपये से अधिक की राशि गायब।

    लवलेश कुमार मिश्र, अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच जहां राज्य सरकार की ओर से गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है, तो प्राथमिकी दर्ज होने के उपरांत इसकी विवेचना पुलिस की टीम भी कर रही है। दोनों एजेंसियों की जांच रिपोर्ट व न्यायालय में दाखिल प्रपत्रों में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। इसमें से एक लाख 33 हजार 507 रुपये गायब भी हो गए हैं!

    आरोपितों की गिरफ्तारी के समय न्यायालय में दाखिल पुलिस की फर्द बरामदगी में कुल 79 लाख 85 हजार 493 रुपये, 1121 यूएस डॉलर और कुछ आभूषण व बहुमूल्य वस्तुएं प्रदर्शित हैं, तो प्रारंभिक रिपोर्ट में एसआईटी ने गठन से पूर्व ट्रस्ट की ओर से बरामदगी कुल 81 लाख 19 हजार रुपये बताई है। इसमें दो लाख 25 हजार रुपये बाथरूम से मिलना बताया गया है। ऐसे में सवाल यह उठ रहा कि डेढ़ लाख रुपये कहां गायब हो गए।

    गत पांच जून से चढ़ावा चोरी का प्रकरण मीडिया में सुर्खियां बनने के उपरांत राज्य सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय एसआईटी गठित कर जांच शुरू कराई थी। छह दिनों की जांच के बाद एसआइटी ने 23 जून को प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंपी थी। इसी के आधार पर 25 जून की शाम साढ़े सात बजे ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन ने आठ आरोपितों के विरुद्ध रामजन्मभूमि थाने में मुकदमा पंजीकृत कराया।

    एफआईआर दर्ज होते ही पुलिस सक्रिय हुई और देररात तक सारे आरोपितों की गिरफ्तारी हो गई, जिन्हें 26 जून काे दाेपहर में न्यायालय में पेश किया गया। इस दौरान पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से मिले सामान के बारे में न्यायालय को अपनी फर्द बरामदगी के माध्यम से अवगत कराया है। इसमें सात आरोपितों के पास से कुल 79 लाख 85 हजार 493 रुपये, 1121 यूएस डॉलर और कुछ मात्रा में सोना-चांदी बरामद दिखाई, जबकि गणना प्रभारी रहे सुभाषचंद्र श्रीवास्तव के पास से कोई सामान नहीं मिला है।

    खबरें और भी

    इसी फर्द बरामदगी में यह भी लिखा है कि इन सामान को ट्रस्टी कृष्णमोहन ने आरोपितों के कब्जे से लेकर ट्रस्ट के लॉकर में सुरक्षित रखा था। इसके लगभग दस दिनों बाद ट्रस्टियों की बैठक के बाद सोमवार को सामने आई एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के पृष्ठ संख्या-पांच पर विशेष जांच दल के सदस्यों ने प्रतिवेदन में स्पष्ट लिखा है कि एसआईटी गठन से पूर्व ट्रस्ट की ओर से कुल 81 लाख 19 हजार रुपये, विदेशी मुद्रा और आभूषण व बहुमूल्य वस्तुएं बरामद की हैं।

    इसमें 78 लाख 94 हजार रुपये आरोपितों की निशानदेही पर, तो 2.25 लाख रुपये गणना कक्ष से सटे बाथरूम से चार जून को बरामद होने का उल्लेख किया है। यह बरामदगियां अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, अविनाश शुक्ल, मनीष यादव, करुणेश पांडेय और रमांशकर मिश्र से संबंधित बताई गई हैं।

    अगर इसमें गिरफ्तारी के समय रामशंकर यादव टिन्नू के पास से मिले एक लाख रुपये को और जोड़ लिया जाए, तो यह रकम इससे भी अधिक हो जाएगी। ऐसी स्थिति में यह सवाल उठ रहा कि दोनों एजेंसियों की रिपोर्ट में से एक लाख 33 हजार 507 रुपये आखिर कहां गायब हो गए? क्या आरोपितों के पास से बरामद रुपयों को ट्रस्टियों के स्तर से ही दर्शाया या बताया नहीं गया? या फिर गिरफ्तारी के समय पुलिस स्तर से इसे कम दिखाया गया है।

    गिरफ्तारी के समय पुलिस ने किससे क्या बरामद किया

    1- अविनाश शुक्ल : 20 लाख 39 हजार 220 रुपये, 1121 यूएस डालर, 159.54 ग्राम चांदी, 8.11 ग्राम सोना और 3.44 ग्राम सोने की अंगूठी।

    2-अनुकल्प मिश्र : 16 लाख 82 हजार 40 रुपये।

    3- लवकुश मिश्र : 14 लाख 25 हजार रुपये।
    4- रमाशंकर मिश्र : सात लाख 32 हजार 170 रुपये और 24.72 ग्राम का चांदी का बिछुआ व चांदी के दो सिक्के।
    5- मनीष यादव : दो लाख रुपये।
    6- करुणेश पांडेय : 18 लाख सात हजार 63 रुपये।
    7- रामशंकर यादव टिन्नू : एक लाख रुपये।

    यह भी पढ़ें- 'चढ़ावा चोरी से देश की हुई बदनामी, दूर हो रहे इन्वेस्टर', अयोध्या मामले में अखिलेश ने बीजेपी को घेरा