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राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा बदलाव, पहली बार सीईओ के हाथ में प्रशासनिक कमान

Published: Thu, 03 Sep 2026 09:47 AM (IST)

राम मंदिर ट्रस्ट का स्वरूप बदल गया है, जिसमें सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को पहला सीईओ नियुक्त किया गया ...और पढ़ें

अयोध्या के मणिरामदास जी की छावनी में रामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र की बैठक में उपस्थित ट्रस्ट के अध्यक्ष महांत नृत्यगोपाल दास(मध्य में), स्वामी गोविंददेव गिरि(दाएं से चौथे), महांत दिनेंद्रदास(दाएं से तीसरे), दिनेश चंद्र(दाएं से दूसरे) व अन्य: सौ. से सूचना कार्यालय

अयोध्या के मणिरामदास जी की छावनी में रामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र की बैठक में उपस्थित ट्रस्ट के अध्यक्ष महांत नृत्यगोपाल दास(मध्य में), स्वामी गोविंददेव गिरि(दाएं से चौथे), महांत दिनेंद्रदास(दाएं से तीसरे), दिनेश चंद्र(दाएं से दूसरे) व अन्य: सौ. से सूचना कार्यालय

HighLights

  1. सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा बने पहले सीईओ।

  2. महेश भागचंदका नए कोषाध्यक्ष, गोविंददेव गिरि महासचिव नियुक्त।

  3. चढ़ावा चोरी प्रकरण बाद पारदर्शिता, जवाबदेही पर जोर।

प्रहलाद तिवारी, अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद बुधवार को हुई ट्रस्ट की तीसरी अहम बैठक में श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का स्वरूप बदल गया है। अब कामकाज में बड़ा बदलाव होगा। मणिरामदास छावनी में महंत नृत्यगोपालदास की अध्यक्षता में सबसे बड़ा निर्णय ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति का रहा।

सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को सर्वसम्मति से ट्रस्ट का पहला सीईओ चुना गया है। इसके साथ ही मंदिर के प्रबंधन, वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था का स्वरूप बदल गया। सीईओ की नियुक्ति के साथ अब ट्रस्ट में धार्मिक नेतृत्व और प्रशासनिक संचालन के बीच जिम्मेदारियों का नया संतुलन बनेगा। यही बदलाव आने वाले समय में राम मंदिर के प्रबंधन की कार्यशैली को नई दिशा देगा।

अब तक राम मंदिर के संचालन से जुड़े प्रमुख फैसले ट्रस्ट के पदाधिकारियों और ट्रस्टियों के स्तर पर लिए जाते रहे हैं। सीईओ की नियुक्ति के बाद प्रशासनिक कामकाज के लिए एक स्पष्ट जिम्मेदारी तय होगी। इससे मंदिर के दैनिक प्रबंधन, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, कर्मचारियों की व्यवस्था और प्रशासनिक निर्णयों में तेजी आने की उम्मीद है। चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद पारदर्शिता, निगरानी और जवाबदेही को लेकर उठे सवालों के बीच इस बदलाव को अहम माना जा रहा है।

ट्रस्ट के मौजूदा स्वरूप में कुल 15 सदस्य हैं। चढ़ावा चोरी प्रकरण से क्षुब्ध होकर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपतराय व डा. अनिल मिश्र ने इस्तीफा दे दिया था। साथ ही अयोध्या राज परिवार के मुखिया बिमलेंद्र मोहन मिश्र की मृत्यु के बाद एक पद खाली हो गया था। बुधवार को इन तीनों के स्थान पर नए ट्रस्टियों के नामों की घोषणा की गई। तीन नए न्यासियों के रूप में महेश भागचंदका, डा. निर्मला यादव शामिल हैं।

इनमें से महेश भागचंदका को ट्रस्ट का सदस्य बनाते ही अहम जिम्मेदारी कोषाध्यक्ष की दी गई। ट्रस्ट में अब छह संत न्यासी हैं, जबकि धार्मिक समिति में नौ संतों को स्थान दिया गया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद के एक-एक पदाधिकारी को भी प्रतिनिधित्व मिला है।

ट्रस्ट में अभी तक कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे स्वामी गोविंददेव गिरि को अब महामंत्री का दायित्व सौंपा गया है। इस प्रकार, राम मंदिर ट्रस्ट की नई व्यवस्था न केवल प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाएगी, बल्कि मंदिर के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही को भी सुनिश्चित करेगी।

राम मंदिर ट्रस्ट का वर्तमान स्वरूप

  • अध्यक्ष - महंत नृत्यगोपाल दास
  • महासचिव - गोविंददेव गिरि
  • कोषाध्यक्ष - महेश भागचंदका
  • सदस्य - महांत दिनेंद्रदास, नृपेंद्र मिश्र, जगद्गुरु वासुदेवानंद सरस्वती, जगद्गुरु विश्वप्रसन्न तीर्थ, युगपुरुष परमानंद, केशव परासरण, कृष्णमोहन, मदनमोहन पांडे, डा. निर्मला यादव।
  • पदेन सदस्य -डीएम अयोध्या, केंद्रीय गृह सचिव, राज्य गृह सचिव।
  • धार्मिक समिति - स्वामी गोविंददेव गिरि, महांत कमलनयन दास, महांत डा. रामानंद दास, महांत दिनेंद्र दास, अधिकारी राजकुमार दास, महांत मिथिलेश नंदिनी शरण, वासुदेवानंद सरस्वती, जगद्गुरु विश्वप्रसन्न तीर्थ, युगपुरुष परमानंद।

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