'यह सरकार का फैसला, मैं कुछ नहीं कह सकता', राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ पर बोले अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने राम मंदिर ट्रस्ट के नए न्यासियों और सीईओ की नियुक्ति को सरकार का फैसला बताया। उन्होंने कहा ...और पढ़ें

HighLights
अखिलेश यादव ने राम मंदिर ट्रस्ट की नियुक्तियों को सरकारी निर्णय कहा।
ट्रस्ट के सामने विश्वसनीयता से अधिक आस्था की बड़ी चुनौती है।
अखिलेश ने आरक्षण पर कहा, 'आरक्षण था, है और रहेगा।'
जागरण संवाददाता, सहारनपुर। राम मंदिर ट्रस्ट के नए न्यासियों और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति को लेकर सपा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि यह सरकार का फैसला है। इस पर मैं कुछ नहीं कह सकता हूं। ट्रस्ट अपने स्तर पर निर्णय लेता है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के सामने बड़ी चुनौती है, क्योंकि यहां विश्वसनीयता से अधिक आस्था का महत्व है।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा ने आस्था को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। ऐसे में ट्रस्ट में जिन्हें भी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, उनके सामने बड़ी चुनौती होगी। उन्होंने कहा कि राम मंदिर से जुड़ी संस्था की जिम्मेदारी संभालना महत्वपूर्ण दायित्व है और नए पदाधिकारियों को इसे गंभीरता से निभाना होगा।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आरक्षण था, है और रहेगा। भाजपा जितना आरक्षण के पक्ष में बोलती है उतना ही उनके सुरंगवादी लोग चाहते हैं कि आरक्षण खत्म हो जाए। अखिलेश यादव बुधवार को दिल्ली रोड पर सपा के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी इंद्रसेन व चौधरी रुद्रसेन के आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
