अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जानकारी अखिलेश यादव तक कैसे पहुंची थी? अब हुआ खुलासा
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की जानकारी सपा प्रमुख अखिलेश यादव तक मनीष यादव के घर हुए एक धार्मिक आयोजन से पहुंची थी।

अयोध्या राम मंदिर दान चोरी।
HighLights
राम मंदिर चढ़ावा चोरी की खबर अखिलेश यादव तक पहुंची।
मनीष यादव के घर हुए आयोजन से जानकारी लीक हुई।
चंपतराय ने आंतरिक जांच कर दोषियों को पकड़ने का प्रयास किया।
लवलेश कुमार मिश्र, अयोध्या। राम के 'घर' में दानराशि में चोरी की घटना की जानकारी पाकर पूर्व महासचिव चंपतराय का मन काफी व्यथित हुआ था। वह अपने स्तर से इस मामले की पड़ताल करा रहे थे और दोषियों को दंड भी दिलाना चाह रहे थे, लेकिन चोरी की सूचना परिसर से लीक होकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव तक कैसे जा पहुंची, इससे उन्हें असीम पीड़ा हुई।
उनके ट्वीट से यह मामला आगे बढ़ा तो वह भविष्य की सोचकर ठिठक गए। हालांकि उन्होंने अपने स्तर से इसकी खोजबीन कराई तो पता चला कि मनीष यादव के घर हुए धार्मिक आयोजन से यह लीक हुआ, परंतु उन्होंने इसे अपनी डायरी में न दर्ज करके संघ के शीर्ष पदाधिकारियों व सरकार तक इस बात को अवश्य पहुंचा दिया है। इस कारण लीक की बात भी अब ''लीक '' हो चुकी है।
गत जून माह में राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले ने भले तूल पकड़ा हो, लेकिन यह घटना श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपतराय के संज्ञान में अप्रैल माह में ही लाई गई थी और उन्होंने अपने स्तर से इसकी खोजबीन भी कराई थी, परंतु आरोपित कर्मी बेनकाब नहीं हो सके थे।
इस कारण उन्हें पकड़ा भी नहीं गया था। इसी बीच चंपतराय के चालक रहे ट्रस्ट कर्मी रामशंकर यादव टिन्नू के भतीजे मनीष यादव ने अपने घर पर एक सूक्ष्म धार्मिक आयोजन कराया और इसमें अपने वैभव का भरपूर प्रदर्शन कर स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया।
अप्रैल माह में हुए इस आयोजन में सपा के एक पूर्व मंत्री भी आमंत्रित रहे, जिनका टिन्नू से तो नहीं मनीष व उसके कुछ साथियों से आत्मीय संबंध जरूर रहा है। सूत्रों का कहना है कि इसी आयोजन की भव्यता को देखकर पूर्व मंत्री ने मनीष के कुछ साथियों से हालचाल पूछकर उसकी खोज-खबर ली थी।
इसी बीच मनीष के एक दोस्त ने उन्हें बताया कि इधर तो कुछ खास नहीं, प्रयागराज महाकुंभ के दिनों में ''काम-धाम '' सही चल रहा था। उन्होंने थोड़ा गहराई से पड़ताल की तो उन्हें गणना के दौरान धनराशि की चोरी की जानकारी दी गई। यह बात पूर्व मंत्री ने अपने तक ही रखी लेकिन वह तबसे उन दोस्तों के निकटस्थ बने रहे, जिन्होंने यह जानकारी दी थी।
इसी बीच जून महीने में चंपतराय ने चढ़ावा में चोरी पकड़ ली। वह आंतरिक पड़ताल कराकर संदिग्ध लोगों को पकड़कर धनराशि की रिकवरी कराने लगे तो इसमें अन्य लोगों के साथ मनीष भी दबोच लिया गया। इसी बीच उसके दोस्तों ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी पूर्व मंत्री को दे दी थी।
इस तरह यह मामला मीडिया कर्मियों के अलावा सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव तक भी पहुंच गया और मीडिया से पहले अखिलेश यादव के ट्वीट के माध्यम से यह जानकारी सार्वजनिक हो गई थी। सूत्रों ने बताया कि अब चंपतराय ने लीक की यह बात अपने स्तर से पता जरूर लगा ली है, लेकिन इसे उन्होंने अपनी उस डायरी में नहीं दर्ज किया है, जिसमें उन्होंने चढ़ावा चोरी से संबंधित घटनाक्रम का उल्लेख किया है।
उनके करीबियों का यह भी कहना है कि वह पहले ही इस मामले में प्राथमिकी भी दर्ज करा देते, लेकिन उन्हें उनके ही सहयोगी ने किसी शीर्ष पदाधिकारी से बातचीत करवाकर रोक दिया था।
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