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चंपत राय बोले- अंतिम सांस तक नहीं छोड़ूंगा अयोध्या, जगद्गुरु परमहंस आचार्य से की मुलाकात

Published: Wed, 05 Aug 2026 09:37 AM (IST)

चढ़ावा चोरी मामले के बाद एकांत में रहे चंपत राय ने करीब दो माह बाद जगद्गुरु परमहंस आचार्य से भेंट ...और पढ़ें

HighLights

  1. चंपतराय ने दो माह बाद एकांतवास से निकलकर भेंट की।

  2. परमहंस आचार्य ने उन्हें चढ़ावा चोरी मामले में बेदाग बताया।

  3. चंपतराय ने अंतिम सांस तक अयोध्या में रहने का संकल्प लिया।

जागरण संवाददाता, अयोध्या। चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद से ही एकांतवास तक सिमट जाने वाले रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के निवर्तमान महासचिव चंपत राय करीब दो माह बाद एकांत से मुक्त हो रहे हैं।

चुनिंदा संतों से भेंट के क्रम में वह मंगलवार पूर्वाह्न जगद्गुरु परमहंस आचार्य से भेंट करने उनके रामघाट स्थित आश्रम तपस्वी छावनी पहुंचे। महांत ने गर्मजोशी से उनकी अगवानी की और स्वागत-सत्कार से साथ बंद कमरे में उनसे वार्ता की।

परमहंस आचार्य ने बताया कि चंपत राय से वार्ता के बाद यह विश्वास और पुख्ता हुआ कि चढ़ावा चोरी के मामले में वह बेदाग हैं और कुछ लोगों पर विश्वास कर लेने की उदारता के चलते उन्हें तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव पद से त्यागपत्र देने की कीमत चुकानी पड़ी।

परमहंस आचार्य का चंपत राय से लगाव पुराना है और चढ़ावा चोरी के बाद आरोपों से घिरे चंपत राय के पक्ष में मोर्चा लेने वालों में परमहंस आचार्य प्रमुख रहे। समझा जाता है कि इसी की कृतज्ञता में चंपत राय मंगलवार को उनसे भेंट करने तपस्वी छावनी पहुंचे।

परमहंस आचार्य को आशंका है कि पद से त्यागपत्र देने के बाद कहीं वह अयोध्या न छोड़ दें और उन्होंने चंपत राय से अयोध्या न छोड़ने का आग्रह किया। उनका आग्रह प्रभावी सिद्ध हुआ और चंपत राय ने कहा कि वह अंतिम सांस तक आराध्य की नगरी नहीं छोड़ेंगे।

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