रामलला के भोग-राग को लेकर गोविंददेव गिरि ने जताया दुख, चंपतराय की भूमिका पर उठाए सवाल
चंपतराय के त्यागपत्र के बाद उनकी भूमिका पर सवाल उठे हैं, जिस पर रामजन्मभूमि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरि ने भी चिंता जताई। उन्होंने स्थानीय धर् ...और पढ़ें
HighLights
चंपतराय की भूमिका पर राम मंदिर ट्रस्ट में सवाल।
गोविंददेव गिरि ने चढ़ावा चोरी, भोग-राग पर चिंता जताई।
स्थानीय धर्माचार्यों ने मंदिर व्यवस्था में अधिक भागीदारी मांगी।
जागरण संवाददाता, अयोध्या। त्यागपत्र देने के बाद रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव रहे चंपतराय की भूमिका पर सवाल खड़े होने लगे हैं। बुधवार को अपराह्न जानकीघाट स्थित वैदेहीभवन में रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि ने स्थानीय धर्माचार्यों से भेंट की।
इस दौरान चढ़ावा चोरी से जुड़ी चिंता साझा किए जाने के साथ चंपतराय की भूमिका की भी जाने-अनजाने समीक्षा हुई। साथ ही राम मंदिर से जुड़ी समस्याएं भी सामने आईं।
स्वयं गोविंद देव गिरि ने रामलला का गरिमा के अनुरूप भोग-राग सुनिश्चित न हो पाने पर दुख व्यक्त किया और बताया कि इस ओर ध्यान दिलाए जाने पर चंपतराय समुचित आश्वासन देना भी जरूरी नहीं समझते थे, तो रसिक पीठाधीश्वर महांत जन्मेजयशरण एवं बड़ा भक्तमाल पीठाधीश्वर महांत अवधेशदास जैसे रामनगरी के प्रतिनिधि धर्माचार्यों ने चंपतराय के अवसान को भगवान की ही इच्छा करार दिया।
दोनों धर्माचार्यों ने एक स्वर से कहा कि अहंकार का दमन स्वयं ठाकुर जी करते हैं। इसी के साथ संतों ने राम मंदिर की व्यवस्था में स्थानीय धर्माचार्यों की उपेक्षा का जिक्र किया और आम सहमति बनती दिखी कि राम मंदिर की व्यवस्था में स्थानीय धर्माचार्यों का हस्तक्षेप बढ़े।
इस दौरान एक अन्य स्थानीय शीर्ष पीठ रामवल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमारदास भी उपस्थित रहे।
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