बाढ़ का खतरा: अयोध्या में सरयू खतरे के निशान के करीब, रुदौली और सोहावल तहसील के कई गांव कटाने के मुहाने पर
सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है, जिससे अयोध्या में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। जिला प्रशासन ने 14 शरणालयों और विभिन्न टीमों के साथ ...और पढ़ें

सरयू का जलस्तर बढ़ा।
HighLights
सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब।
रुदौली, सोहावल, सदर तहसील के गांव बाढ़ की चपेट में।
जिला प्रशासन ने बाढ़ से निपटने की तैयारी की।
जागरण संवाददाता, अयोध्या। सरयू नदी के जलस्तर के साथ ही बाढ़ का खतरा बढ़ने लगा है। सरयू का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। नदी खतरे के निशान से करीब 34 सेमी नीचे है। सरयू की धारा में इतना तेज प्रवाह है कि रौनाही से आने-जाने वाले डरने लगे हैं। जलस्तर का यह आंकड़ा दोपहर तीन बजे अयोध्या का है।
रुदौली तहसील, सोहावल व सदर तहसील के कछार व माझा क्षेत्र में रहने वाले बढ़ते जलस्तर से घबड़ाने लगे हैं। रौनाही बंधा के अंदर माझा में कई गांव हैं, उनमें आने जाने के लिए लोक निर्माण विभाग की पक्की सड़क है।
जलस्तर अगर इसी तरह बढ़ता रहा तो उनको माझा से अपने मवेशी लेकर बाढ़ शरणालय व बंधा पर रुकने के लिए आना होगा।
जिला प्रशासन अलर्ट मोड में
रुदौली तहसील के इन गांवों के नाम सल्लाहपुर, महंगू का पुरवा, अब्बूपुर, कैथी व कैथी माझा हैं। ये सब रौनाही बंधा के आसपास के गांव हैं। इसी तरह सोहावल तहसील के कई गांव कटान के मुहाने पर हैं। कलाफरपुर, इस्माइलनगर सिंहोरा समेत कई गांवों में कटान से बचाने के लिए बाढ़ सुरक्षा योजना के तहत बाढ़ कार्य खंड उनको सुरक्षित कर चुका है। इस बार थरेरू व सनाहा गांव को कटान से बचाने के लिए बाढ़ सुरक्षा योजना का कार्य भी लगभग अंतिम चरण में है।
सदर तहसील के भी कई गांवों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ा है। रामपुरपुवारी, मड़ना माझा, पिपरी संग्रामपुर, मूढ़ाडीहा समेत 10 गांव बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील हैं।
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स्वास्थ्य विभाग की 37 एवं पशुपालन विभाग की 21 टीमों को लगाया
जिला आपदा विशेषज्ञ यर्थाथ तिवारी के अनुसार बाढ़ से निपटने के लिए पहले से तैयारी है। 14 शरणालयों के अलावा स्वास्थ्य विभाग की 37 एवं पशुपालन विभाग की 21 टीमों को लगाया गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने पर सरयू के कछार वाले कई गांवों में पानी घुस जाता है, जिससे गांव के लोगों के लिए जरूरी काम से निकलना मुश्किल हो जाता है। प्रतिवर्ष बाढ़ आने पर उन्हें इन्हीं हालातों से गुजरना पड़ता है।