पीएम मोदी ने रामलला के सूर्य तिलक का किया वर्चुअल दर्शन, हाथ जोड़कर प्रभु श्रीराम को निहारा
अयोध्या के राम मंदिर में रामनवमी पर भगवान रामलला का सूर्य तिलक हुआ, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वर्चुअली देखा। यह क्षण मंदिर में भक्तों के लि ...और पढ़ें
HighLights
रामनवमी पर अयोध्या में रामलला का सूर्य तिलक हुआ।
प्रधानमंत्री मोदी ने वर्चुअली इस दिव्य क्षण का दर्शन किया।
वैज्ञानिकों ने सूर्य तिलक की व्यवस्था सफलतापूर्वक की।
डिजिटल डेस्क, अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के लिए आज का दिन बहुत सौभाग्यशाली रहा, क्योंकि यहां राम मंदिर में स्वयं सूर्य देव ने भगवान श्रीराम का तिलक किया। इस क्षण को देख मंदिर में मौजूद भक्त आनंदित हो उठे। वहीं,देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी रामलला का सूर्य तिलक का दर्शन वर्चुअल तरीके से किया।
इससे पहले गुरुवार को पीएम मोदी ने रामनवमी की शुभकामनाएं दी थी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा, ‘देशभर के मेरे परिवारजनों को रामनवमी की असीम शुभकामनाएं। त्याग, तप और संयम से भरे मर्यादा पुरुषोत्तम के जीवन से हमें हर परिस्थिति का पूरे सामर्थ्य से सामना करने की प्रेरणा मिलती है। उनके आदर्श अनंतकाल तक भारतवासियों के साथ-साथ संपूर्ण मानवता के पथ-प्रदर्शक बने रहेंगे। मेरी कामना है कि भगवान राम की कृपा से सबका कल्याण हो, जिससे विकसित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प की सिद्धि का मार्ग प्रशस्त हो’।
सूर्य तिलक से चरम पर पहुंचा जन्मोत्सव
बता दें कि आज रामनवमी को भगवान राम का जन्मोत्सव है, जिसके उत्सव में भव्य राम मंदिर में यह सूर्य तिलक किया गया। हालांकि, अयोध्या में आज मौसम भी बदला सा रहा, लेकिन ठीक 11 बजकर 50 पर आसमान में सूर्य भगवान अवतरित हुए और 12 बजे से पांच मिनट तक रामलला के ललाट पर तिलक करते रहे, जिससे रामलला का जन्मोत्सव अपने चरम पर जा पहुंचा।

रामलला एवं राम परिवार के समक्ष बधाई गान का आयोजन किया गया। भक्त, साधु-संत, ट्रस्ट व कार्यदायी एजेंसियों के कर्मी जन्मोत्सव के उल्लास में नृत्य-संगीत में झूम रहे थे। रामजन्मोत्सव का प्रत्येक क्षण दर्शनार्थियों को दिखाने के लिए जगह-जगह एलईडी स्क्रीनें लगाई गई हैं। जन्मोत्सव के सुखद आनंद व दर्शन के लिए बड़ी संख्या में दर्शनार्थियों का आगमन हुआ है।
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2024 में हुआ था सूर्य तिलक
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 22 जनवरी 2024 को भव्य राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद आयोजित हुई प्रथम रामनवमी के अवसर पर रामलला का सूर्य तिलक कराया था।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इस अभिलाषा को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के निर्देश पर सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीबीआरआई) रुड़की, भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (आइआइए) बेंगलुरु व भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के विज्ञानियों व विशेषज्ञों की टीम ने पूरा किया था।