राम मंदिर चढ़ावा चोरी की SIT रिपोर्ट में चंपत राय का नाम नहीं, अनिल मिश्रा की भूमिका पर संशय बरकरार
SIT ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है, जिसमें चंपत राय का नाम नहीं है जबकि अनिल मिश्रा का नाम शामिल है।

SIT ने जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपी।

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जागरण संवाददाता, अयोध्या। Ram Mandir Donation Theft | राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी ने सोमवार देर रात अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंप दी, जिसमें चंपत राय का नाम नहीं है। रिपोर्ट में अनिल मिश्रा का नाम है।
बता दें कि यह रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से पहले बनी एसआईटी की रिपोर्ट है। पहली एसआईटी का गठन 13 जून को किया गया था। 6 जुलाई को पहली टीम ने अंतरिम रिपोर्ट सौंपी थी, ये वही रिपोर्ट है।
प्रदेश सरकार ने श्रीराम जन्म भूमि ट्रस्ट के अनुरोध पर लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की थी। जिसमें लखनऊ के आइजी रेंज किरण एस. तथा विशेष सचिव (वित्त) नील रतन कुमार को सदस्य बनाया गया था।
8 नामजद को बनाया गया था आरोपी
इस विशेष जांच दल ने 23 जून को अपर मुख्य सचिव गृह विभाग संजय प्रसाद को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी और आगे की जांच के लिए सात दिन का समय मांगा था। शासन ने सात दिन का समय बढ़ा दिया था। साथ ही, प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को अयोध्या में एफआईआर दर्ज हो गयी, जिसमें 8 नामजद व अन्य अज्ञात को आरोपी बनाया गया था। ये सभी आरोपी अभी जेल में बंद हैं।
सोमवार को सरकार की ओर से बताया गया कि विजय विश्वास पंत के नेतृत्व वाली एसआईटी की जांच रिपोर्ट श्रीराम जन्म भूमि ट्रस्ट को सौंप दी गई है। उसकी प्रारंभिक रिपोर्ट में की गई संस्तुतियों पर ही एफआईआर समेत अन्य कार्रवाई हुई है। रिपोर्ट में चंपत राय का नाम नहीं है।
