चढ़ावा चोरी मामला: शाम को 2 घंटे के बीच ही चढ़ावे पर हाथ साफ करते थे आरोपी, मोजे और कपड़ों में छिपाते थे नोट
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की गुत्थी अभी भी अनसुलझी है और मामला सुप्रीम कोर्ट में है, नई एसआईटी का इंतजार है। ...और पढ़ें

HighLights
चढ़ावा चोरी का मामला अब सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।
आरोपित नोटों को जेबों, मोजों और कपड़ों में छिपाते थे।
शाम 6 से 8 बजे की पाली में चोरी को अंजाम देते थे।
प्रवीण तिवारी, अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की गुत्थी सुलझने का नाम नहीं ले रही है। मामला अब सुप्रीम कोर्ट में है। नई एसआईटी गठित होने की सभी को प्रतीक्षा है। उधर चढ़ावा चोरी के आरोपितों के बारे में नई जानकारी सामने आई है। यह जानकारी गणना कक्ष में इनके उठने बैठने व चोरी से संबंधित है।
आरोपितों में इस तरह की सांठगांठ थी कि इन सभी को गणना कक्ष में साथ बैठने की अनुमति थी। ये चढ़ावा में प्राप्त नोटों की छंटनी करते समय नोटों को अपनी जेबों, मोजों और यहां तक कि कपड़ों में छिपाते थे और बाद में इन्हें पार कर देते थे। बाद में इनके बीच बंटवारा भी होता था।
आरोपित गणना कक्ष के एक छोर पर और गणना प्रभारी दूसरे छोर पर बैठता था। ऊंची मेज पर रखी नोटों की छंटनी करते थे और गड्डी बनाते थे। ये अक्सर शाम की पाली में छह से आठ बजे के बीच घटना को अंजाम देते थे। सेटिंग के जरिए ये इसी पाली में ड्यूटी भी लगवाते थे। प्राय: इसी पाली में धनराशि की चोरी भी हुई।
दरअसल गणना कक्ष में बैंक व ट्रस्ट के बीच निर्धारित नियमों का कई बार उल्लंघन किया गया, जिसका उल्लेख एसआईटी की प्राथमिक रिपोर्ट में विस्तार से है। छह आरोपितों लवकुश, अनुकल्प, करुणेश, रमाशंकर मिश्रा, मनीष व अविनाश को नोटों की गणना में लगाया गया था, ये सभी बैंक की ओर से तैनात किए गये थे।
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ट्रस्ट कर्मी रामशंकर यादव टिन्नू व गणना प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव पर भी केस दर्ज है। बताया जा रहा है कि गणना कक्ष लगे सीसीटीवी की फुटेज के आधार पर ये केस दर्ज हुए हैं, उनमें इन छह कर्मचारी सीधे तौर पर धनराशि पर हाथ साफ करते दिखे। इसमें से कुछ चोरी करते रहे और कुछ कैमरे की ओट लेते दिखे।
फिलहाल अब लोग नई एसआईटी के गठन की ओर दृष्टि लगाए हैं। गणना में इन के साथ कार्य कर चुके एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इनकी संदिग्ध गतिविधियों की चर्चा बार-बार होती थी। बैंक कर्मी ने ही इसकी शिकायत तत्कालीन ट्रस्ट महासचिव चंपतराय से की तो इस मामले में धरपकड़ सहित अन्य कार्यवाही हुई।