चढ़ावा चोरी मामला: एसआईटी और पुलिस के साथ SBI ने भी आंतरिक जांच की तेज, कई बैंक कर्मचारी भी रडार पर
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी और पुलिस के साथ भारतीय स्टेट बैंक भी आंतरिक जांच कर रहा है, जिसमें दर्जन भर बैंक कर्मचारी जांच के दायरे में हैं ...और पढ़ें
-1785019733630_m.webp)
राम मंदिर
HighLights
एसबीआई भी चढ़ावा चोरी मामले में कर रहा जांच।
दर्जन भर बैंक कर्मचारी जांच के दायरे में।
ट्रस्ट और बैंक के संबंध टूटने के कगार पर।
प्रवीण तिवारी, अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में एसआईटी व पुलिस के साथ भारतीय स्टेट बैंक में भी विभागीय जांच चल रही है। इसको लेकर हलचल है। इस जांच रिपोर्ट की प्रतीक्षा ट्रस्ट के साथ पुलिस को भी है। जांच की परिधि में दर्जन भर बैंक कर्मचारी बताए गये हैं। इस जांच से गणना एजेंसी के भविष्य का निर्णय हो सकता है। एसओपी पर ट्रस्टियों व बैंककर्मियों के विपरीत विचार के कारण ही बैंक ने विभागीय जांच शुरू की है।
सूत्र बताते हैं कि एसआईटी की नई कमेटी की जांच शुरू होने से पहले बैंक अपनी स्थिति स्पष्ट कर लेना चाहता है। बैंक कर्मी इसे हाईप्रोफाइल जांच बता रहे हैं। परंतु उनके निशाने पर गणना में लगी फर्म ही है। इस पर कोई भी बैंक अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नही है।
बैंक के भीतर ये चर्चा है कि यदि बैंक का कोई अधिकारी, कर्मचारी दोषी पाया गया तो उसके विरुद्ध बैंक नियमानुसार सख्त कार्रवाई करेगा। एसआईटी के साथ ही पुलिस पहले ही संदिग्ध बैंककर्मियों से पूछताछ कर चुकी है। इस बीच बैंक व ट्रस्ट के रिश्ते खत्म होने के कगार पर आ गए हैं।
बीते दिनों ट्रस्ट की बैठक में बैंक की भूमिका सवालों के घेरे में रही। ट्रस्ट ने बैंक से करार तोड़ने तक का संकेत दिया है। ट्रस्ट ने चोरी के मामले में बैंक की प्रतिक्रिया और उसकी गंभीरता के अभाव की बात कही है। कहा, इससे ट्रस्टियों में निराशा है। इन दोनों के बीच रिश्तों की डोर किस कदर कमजोर हो चली है, इसकी कल्पना इस बात से की जा सकती है कि वित्त समिति को ट्रस्ट व बैंक के संबंधों पर निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया गया है।
खबरें और भी
समिति बैंक की मानक प्रक्रियाओं पर पुनर्विचार कर समुचित निर्णय लेगी। समझा जाता है कि ट्रस्ट के इस रुख से बैंक सांसत में है। यहां तक कि उसे वित्तीय घाटे का भय भी सता रहा है।
दरअसल चढ़ावा में प्राप्त धनराशि प्रारंभ से ही भारतीय स्टेट बैंक की अयोध्या शाखा में जमा होती रही। पहले बैंक कर्मी सप्ताह में एक-दो दिन ही गिनती करते थे। पर रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद बढ़ी चढ़ावा राशि की गणना के लिए सैनिक सिक्योरिटी सर्विसेज वाराणसी को लगाया गया।
इसे बैंक ने अनुबंध कर कार्य सौंपा। एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक मुरली मनोहर ने मोबाइल फोन पर कॉल रिसीव नहीं की। वाट्सएप मैसेज का भी संज्ञान नहीं लिया।
यह भी पढ़ें- चढ़ावा चोरी के बाद रामलला की पूजा-अर्चना होगी और समृद्ध, संतों के लिए खुलेगा रंग महल का दर्शन मार्ग