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    चढ़ावा चोरी के आरोपी लवकुश की करतूत ने पड़ोसियों को भी संकट में डाला, 100 से ज्यादा मकानों पर लटकी तलवार

    Updated: Sat, 18 Jul 2026 05:07 AM (GMT+05:30)

    राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपी लवकुश मिश्र ने अयोध्या के प्रतिबंधित 'ब्लू जोन' में अवैध रूप से दो मंजिला मकान बनाया है। ...और पढ़ें

    शहर के बनवीरपुर में निर्माणाधीन लवकुश मिश्र का मकान और लवकुश मिश्र

    शहर के बनवीरपुर में निर्माणाधीन लवकुश मिश्र का मकान और लवकुश मिश्र

    HighLights

    1. राम मंदिर चढ़ावा चोरी आरोपी लवकुश ने बनाया अवैध मकान।

    2. अयोध्या के प्रतिबंधित 'ब्लू जोन' में हुआ यह निर्माण।

    3. अवैध निर्माण से पड़ोसियों और प्राधिकरण की बढ़ी मुसीबत।

    विनोद यादव, अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी में आरोपित लवकुश मिश्र ने नगर निगम के बनबीरपुर में प्रतिबंधित क्षेत्र में अपना दो मंजिला मकान क्या खड़ा किया, उसके आसपास के लोगों की भी मुसीबत बढ़ गई है। उनके चेहरे का रंग उड़ा हुआ है। इनमें कई सफेदपोश भी शामिल हैं। इस प्रकरण ने अयोध्या विकास प्राधिकरण के सामने भी मुसीबत खड़ी कर दी है। नित्य क्षेत्र में जाकर संबंधित अभियंता नोटिस जारी कर रहे हैं।

    प्रतिबंधित क्षेत्र में लवकुश के निर्माणाधीन मकान पर कार्रवाई लगभग तय मानी जा रही है। हालांकि इस जोन में सौ से अधिक मकान बन चुके हैं। लोग निवास भी करने लगे हैं। इन सभी ने इस प्रतिबंधित जोन में अपने सपनों का महल खड़ा करने के पहले जोन को लेकर विचार ही नहीं किया, जो अब कार्रवाई की चपेट में हैं।

    नई परिस्थितियों को लेकर विकास प्राधिकरण भी परेशान है। इस क्षेत्र में तैनात अभियंता जवाब नहीं दे पा रहे हैं। अभी कितनों को नोटिस हुई, यह उनके लिए बता पाना कठिन हो गया है। प्रतिबंधित क्षेत्र में इस तरह के सतत निर्माण को लेकर प्राधिकरण भी सवालों के घेरे में है। ये भी सूचना है कि इसी क्षेत्र के निवासी गिरीशचंद पांडेय व मयाराम वर्मा को एडीए की नोटिस मिल गई है।

    2019 में नौ नवंबर को राम मंदिर पर सुप्रीम निर्णय आने के बाद नगर निगम सीमा का विस्तार हुआ। इसके बाद ही यह क्षेत्र नगर निगम का हिस्सा बना। पहले यह बनबीरपुर गांव का हिस्सा था। अब ये महायोजना 2031 के भाग 'क' में ब्लू जोन घोषित है, जहां आवासीय भवनों का निर्माण नहीं हो सकता है।

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    नियमत: सिर्फ सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक सुविधाओं का ही विकास किया सकता है। इस जोन में चढ़ावा चोरी के आरोपित लवकुश ने 10 अक्टूबर 2025 को अपनी पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम जमीन का बैनामा कराया। छह मार्च 2026 को नामांतरण के बाद आवासीय मकान का निर्माण शुरू किया। ये मकान अब जांच के घेरे में है।

    एडीए के अवर अभियंता की जांच में मकान का निर्माण अवैध मिला तो लवकुश की पत्नी सुप्रिया को नोटिस दी गई। मकान पर इसे चस्पा भी किया गया। नोटिस देख उसके मकान के आगे-पीछे व दोनों साइड निर्मित मकानों के स्वामी सांसत में आ गये हैं। पड़ोसियों ने मकान निर्माण बंद करा दिया। उधर प्राधिकरण के अधिकारी पूरे क्षेत्र की ही जांच की बात कहते हुए बताते है कि इसकी विस्तार से जांच कराई जाएगी।

    ...बदनाम हो रही कॉलोनी

    लवकुश के निर्माणाधीन मकान के ठीक पीछे मकान का निर्माण करा रहे आजमगढ़ निवासी सौरभ पांडेय कहते हैं कि आरोपित लवकुश की वजह से पूरी कालाेनी का नाम बदनाम हो रहा है। भगवान के घर में चोरी करके उसने बहुत बड़ी गलती की। बताते हैं कि शुक्रवार को एडीए के सहायक अभियंता राकेश सिंह तोमर ने निर्माण को बंद करा दिया है।

    तारुन क्षेत्र के राजकुमार पांडेय कहते हैं कि मकान के निर्माण से पहले भूमिपूजन के दिन लवकुश व उसके परिवारीजनों से मुलाकात हुई थी। उसे देखने से ऐसा लगा कि उसकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, लेकिन बाद में जब पता चला कि रामलला के चढ़ावे की चोरी की है तो हम सब का सिर नीचा हो गया।