यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 25, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Ram Mandir : अब सुबह 6 से रात इतने बजे तक ही कर सकेंगे रामलला के दर्शन, इसलिए लिया गया फैसला
Ram Mandir सीएम ने मंगलवार को ग्राउंड जीरो पर उतर कर प्रशासन व मंदिर ट्रस्ट के साथ बैठक करके जो निर्देश दिए उनसे स्थिति नियंत्रित हो रही है। मंगलवार ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, अयोध्या : अयोध्या में रामलला की चौखट पर आस्था का ज्वार अब भी विद्यमान है, लेकिन दर्शन व्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगी है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद तीसरे दिन भी दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु राम मंदिर पहुंचे। गुरुवार को रामजन्मभूमि मार्ग पर दर्शनार्थियों की अटूट कतार दिखी, लेकिन पहले दिन की भांति आपाधापी की स्थिति नहीं रही।
सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी मौजूद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रयास इसके पीछे प्रमुख कारण है। सीएम ने रामनगरी में उमड़ रहे श्रद्धालुओं की देखरेख के लिए उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है। अयोध्या के एसएसपी राजकरन ने बताया कि राममंदिर में श्रद्धालुओं को रामलला का सुगमता से दर्शन हो सके इसकी समुचित व्यवस्था की गई है। श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ आराम से दर्शन-पूजन कर रहे हैं।
पर्याप्त संख्या में पुलिस कर्मी श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए लगाए गए हैं।सीएम ने मंगलवार को ग्राउंड जीरो पर उतर कर प्रशासन व मंदिर ट्रस्ट के साथ बैठक करके, जो निर्देश दिए उनसे स्थिति नियंत्रित हो रही है। मंगलवार को पांच लाख और बुधवार को करीब तीन लाख से अधिक श्रद्धालु राममंदिर पहुंचे थे। गुरुवार को शाम सात बजे तक डेढ़ लाख से अधिक भक्त रामलला का दर्शन कर चुके थे।
अब सिर्फ 10 बजे तक कर सकेंगे दर्शन
दर्शन अवधि सुबह छह से रात दस बजे तक कर दी गई है। सिर्फ आरती एवं भोग के समय कुछ पल के लिए गर्भगृह के पट बंद हो रहे हैं। प्राण प्रतिष्ठा के बाद रामलला का दर्शन करने के लिए पूरे देश से रामभक्त बड़ी संख्या में अयोध्या पहुंच रहे हैं। शुरुआती दो दिन में ही करीब आठ लाख रामभक्त अपने आराध्य के दर्शन कर चुके हैं। ये सभी श्रद्धालु अब अपने अपने गंतव्य की ओर लौटने लगे हैं।
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हालांकि टेंपो-टैक्सी एवं ई-बसों का संचालन रामनगरी की सीमा तक ही होने की वजह से श्रद्धालुओं को वापसी में परेशानी हो रही है। टेंपो टैक्सी जालपा चौराहा तक ही जा रही हैं, जहां से राममंदिर करीब तीन किलोमीटर है।
किसी श्रद्धालु को सिविल लाइन बस स्टेशन आना हो तो उसे लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। ऐसे में वापसी करने वाले श्रद्धालुओं का सर्वाधिक दबाव रेलवे स्टेशन पर आ गया है। जिला प्रशासन और पुलिस एवं रेलवे श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित ढंग से भेजने में जुटे हैं।