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अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ाव चोरी जैसे महापाप के बाद अब प्रायश्चित, पूजन से नई स्फूर्ति प्रवाहित करने का प्रयास

By Digital Desk Edited By: Dharmendra Pandey
Published: Fri, 17 Jul 2026 07:46 PM (IST)

Ayodhya Ram Mandir: चढ़ावा और दान की चोरी के बाद, मंदिर की पवित्रता और गरिमा को बहाल करने के लिए ...और पढ़ें

राम मंदिर के परिवेश को नई स्फूर्ति प्रदान करने का प्रयास

राम मंदिर के परिवेश को नई स्फूर्ति प्रदान करने का प्रयास 

HighLights

  1. राम मंदिर ट्रस्ट ने दान में हुई 'गड़बड़ी' के 'प्रायश्चित' के लिए शुद्धि अनुष्ठान

  2. मंदिर में दो बार किया जा रहा विष्णु सहस्रनाम का सामूहिक पाठ

  3. दस दिवसीय अनुष्ठान के तहत कराया जा रहा सहस्रनाम का गायन

संवाद सूत्र, अयोध्या। राम मंदिर से चढ़ावा चोरी के मामले में जहां गिरफ्तार आरोपितों पर विशेष जांच दल (एसआईटी) का शिकंजा कसता जा रहा है, वहीं प्रायश्चित पूजन के साथ राम मंदिर के परिवेश को नई स्फूर्ति प्रदान करने का प्रयास भी किया जा रहा है।

श्रीराम लला मंदिर में 18 पुजारी और पांच आचार्य दिन में दो बार विष्णु सहस्रनाम के सामूहिक पाठ से भगवान को प्रसन्न करने के प्रयास में लगे हैं। इसके साथ उन त्रुटियों के प्रति क्षमा भी मांगी जा रही है, जो उनसे अथवा राम मंदिर की व्यवस्था संभाल रहे रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जाने-अनजाने हुई हों। इससे यह संदेश भी ज्ञापित हो रहा है कि ट्रस्ट अपने दायित्वों और दायित्वों के निर्वहन में हुई चूक के भी प्रति पूरी तरह से उत्तरदायी है।
राम मंदिर में इस दस दिवसीय अनुष्ठान के तहत दो सौ बार अति विनय और श्रद्धा के साथ भगवान विष्णु के सहस्रनाम का गायन किया जाना है। रामकथा साहित्य के मर्मज्ञ एवं वशिष्ठभवन पीठाधीश्वर डा. राघवेशदास के अनुसार विष्णु सहस्रनाम में स्वाभाविक रूप से श्रीराम का नाम भी संयोजित है।

सहस्र नामों की श्रृंखला में राम के रूप में विष्णु का नाम 394वें क्रम में तथा श्रीराम के ही एक अन्य नाम राघव के रूप में 668वें क्रम में राम का नाम वर्णित है और रामजन्मभूमि जैसे अति जीवंत स्थल पर इन नामों का बारंबार पारायण श्रीराम की कृपाधारा को जीवंतता प्रदान करने वाला होगा तथा इससे चढ़ावा चोरी जैसी घटना से उपजा नैराश्य स्वयमेव दूर होगा।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी की पहल पर बुधवार को शुरू शुद्धि अनुष्ठान में विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र का पाठ किया जा रहा है। इसमें भगवान विष्णु के 1,000 अलग-अलग नामों का जाप किया जाता है। इसको लेकर मान्यता है कि इस अनुष्ठान से सकारात्मकता, समृद्धि और सौभाग्य आता है।

गिरी ने कहा कि दान की चोरी के बाद, मंदिर की पवित्रता और गरिमा को बहाल करने के लिए ट्रस्ट ने मंदिर परिसर और विभिन्न गुरुकुलों में प्रायश्चित और शुद्धि के लिए 10 दिन का विशेष अनुष्ठान शुरू किया है। उन्होंने कहा कि इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि हर दिन कम से कम 251 बार विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र का पाठ हो।

गिरी ने पहले कहा था कि मंदिर के दान की कथित चोरी से भगवान राम के भक्तों को दुख पहुंचा है। उन्होंने कहा, "हम सभी को बहुत दुख और शर्मिंदगी महसूस हो रही है," और साथ ही कहा कि भगवान के आशीर्वाद से "सच" सामने आएगा। गिरी ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण चोरी कितनी बड़ी थी, और यह कब और कैसे हुई, यह जांच का हिस्सा है।

ट्रस्ट के सदस्य दिनेन्द्र दास ने बताया कि 'राम लला के स्थान पर हुई गलतियों' को सुधारने के लिए विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र का पाठ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र के साथ-साथ वाल्मीकि रामायण का पाठ भी किया जा रहा है।

आरोपों की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की और इसकी शुरुआती जांच के आधार पर मंदिर में दान की गिनती से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। विवाद के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया।

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