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अब रामलला की सेवा से सीधे जुड़ सकेंगे भक्त, पोशाक अर्पित करने के साथ राजभोग और बालभोग लगाने का भी मिलेगा मौका

By Ramasharan AwasthiEdited By: Shiv Govind Mishraa
Published: Sat, 17 Oct 2026 01:48 AM (GMT+05:30)Updated: Sat, 17 Oct 2026 02:03 AM (GMT+05:30)

भक्त अब अयोध्या में रामलला की सेवा में सीधे भाग ले सकेंगे, जिसमें पोशाक अर्पित करने और राजभोग-बालभोग चढ़ाने का ...और पढ़ें

राम मंदिर।

राम मंदिर।

HighLights

  1. भक्त अब रामलला को पोशाक, राजभोग, बालभोग अर्पित कर सकेंगे।

  2. श्रीराम मंदिर ट्रस्ट वेबसाइट पर सेवा प्रक्रिया को अपडेट करेगा।

  3. मंदिर के 148 निर्माण कार्य पूरे, शेष 15 नवंबर तक।

रमाशरण अवस्थी, अयोध्या। रामलला के प्रति श्रद्धा अब उनकी सेवा से सीधे जुड़ सकेगी। श्रीराम मंदिर में विराजमान रामलला के लिए भक्त अपनी ओर से पोशाक अर्पित कर सकेंगे। श्रद्धालु पोशाक बनवाकर या उसका निर्धारित मूल्य श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को देकर भी इस सेवा में सहभागी बन सकेंगे।

राजभोग और बालभोग अर्पित करने का अवसर भी भक्तों को मिलेगा। ट्रस्ट इस पूरी व्यवस्था को वेबसाइट से जोड़ेगा, ताकि देश-दुनिया के श्रद्धालु रामलला की सेवा में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें। वेबसाइट पर इस नई प्रक्रिया को जल्द अपडेट किया जाएगा।

मंदिर ट्रस्ट की धार्मिक समिति की शुक्रवार को मणिरामदास छावनी में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। ट्रस्ट महासचिव स्वामी गोविंद देवगिरि की अध्यक्षता में हुई बैठक में रामलला की सेवा को श्रद्धालुओं से जोड़ने की व्यवस्था पर चर्चा हुई। इसके तहत पोशाक अर्पित करने की प्रक्रिया को व्यवस्थित किया जाएगा।

वेबसाइट पर रामलला को नित्य पहनाए जा रहे वस्त्रों के नमूने प्रदर्शित किए जाएंगे, जिससे भक्त अपनी श्रद्धा के साथ निर्धारित परंपरा और मानकों के अनुरूप पोशाक अर्पित कर सकें। मौसम के अनुरूप वस्त्रों की जरूरत और निर्धारित मानकों को ध्यान में रखते हुए ट्रस्ट वेबसाइट पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराएगा।
इसमें पोशाक की नाप, कपड़े का प्रकार और अन्य जरूरी विवरण दिए जाएंगे।

सूती और रेशमी वस्त्रों सहित अलग-अलग प्रकार के कपड़ों के नमूने भी प्रदर्शित किए जाएंगे। इससे श्रद्धालुओं को यह समझने में आसानी होगी कि किस मौसम में रामलला के लिए किस तरह की पोशाक अर्पित की जा सकती है।

रामलला की पोशाक के साथ ही भक्त राजभोग और बालभोग अर्पित करने की सेवा में भी सहभागी बन सकेंगे। इसके लिए निर्धारित मूल्य जमा करने की व्यवस्था होगी। वेबसाइट पर पोशाक और भोग से जुड़ी जानकारी अपडेट होने के बाद भक्तों को सेवा के विकल्पों और प्रक्रिया की जानकारी एक ही स्थान पर मिल सकेगी।

श्रीराम मंदिर परिसर के 150 में से 148 निर्माण कार्य पूरे : नृपेंद्र मिश्र

अयोध्या। श्रीराम मंदिर परिसर में कुल 150 निर्माण कार्यों में से 148 पूरे हो चुके हैं। शुक्रवार को श्रीराम मंदिर निर्माण समिति की बैठक के दूसरे दिन कार्यदायी संस्था एलएंडटी ने सभी 148 निर्माण कार्यों को जरूरी दस्तावेजों के साथ श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दिया। अभी परकोटे और मंदिर की बाहरी सजावटी रोशनी का काम बाकी है। इन्हें 15 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि परकोटे की छत पर पानी को साफ करने से जुड़ा काम पूरा नहीं हुआ है। इस कारण परकोटे को ट्रस्ट को नहीं सौंपा जा सका है। बारिश की वजह से भी निर्माण कार्यों की गति प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि सात नवंबर को होने वाले दीपोत्सव पर मंदिर की भव्यता के अनुरूप रोशनी की व्यवस्था की जाएगी।

बाकी काम पूरा होने से दीपोत्सव की तैयारियों पर असर नहीं पड़ेगा। बैठक में निर्माण कार्यों के साथ ठेकेदारों के भुगतान और अन्य वित्तीय मामलों की भी समीक्षा की गई। एलएंडटी से जुड़े भुगतान के मामलों को पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।

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श्रीराम जन्मभूमि परिसर में प्रेक्षागृह और अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय के विस्तार का काम चल रहा है। विजय स्तंभ और शहीद स्मारक बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि स्मारक परिसर में उद्यान से जुड़े कुछ काम बाकी हैं। परिसर के चार प्रवेश द्वारों में से तीन का निर्माण पूरा हो चुका है। मध्वाचार्य द्वार का करीब 80 प्रतिशत काम पूरा हो गया है।