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राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले के बाद बड़ा फैसला, अब SBI कर्मचारी ही करेंगे चढ़ावे की गिनती

Published: Sat, 25 Jul 2026 05:30 AM (IST)Updated: Sat, 25 Jul 2026 06:37 AM (IST)

राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले में सवालों के बाद भारतीय स्टेट बैंक ने नया फैसला लिया है। अब बैंक ...और पढ़ें

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HighLights

  1. बैंक अब अपने कर्मचारियों से कराएगा राम मंदिर चढ़ावे की गणना।

  2. चढ़ावा चोरी आरोपों के बाद बाहरी एजेंसी का अनुबंध समाप्त।

  3. एसआईटी जांच में अनियमितताएं सामने आने पर लिया गया निर्णय।

लवलेश कुमार मिश्र, अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले में तमाम सवाल उठने और चौतरफा घिरने के बाद भारतीय स्टेट बैंक ने नया निर्णय लिया है। बैंक अब अपने ही कर्मचारियों को भेज कर गणना कराएगा, इसके लिए कोई कलेक्शन एजेंसी नहीं अधिकृत (हायर) की जाएगी।

पहले से हायर की गई वाराणसी की सैनिक सिक्योरिटी सर्विसेज कंपनी के अनुबंध का नवीनीकरण नहीं होगा। बैंक का कंपनी से तीन वर्ष का अनुबंध भी इसी साल समाप्त हो रहा है, अब इसे आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। लखनऊ स्थित मुख्यालय से उच्चाधिकारियों को आदेश भी भेज दिया गया है। हालांकि इस संबंध में बैंक के स्थानीय अधिकारी कुछ भी बताने से इनकार कर रहे हैं।

चढ़ावा चोरी की जांच में विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट पर जिन आठ कर्मचारियों को जेल भेजा गया, उनमें छह गणना कर्मी शामिल हैं। इन्हें बैंक की ओर से अधिकृत एजेंसी ने गणना में लगाया था। हालांकि इसकी अनुशंसा ट्रस्टियों ने बैंक अधिकारियों के माध्यम से की थी।

एसआईटी ने अपनी जांच रिपोर्ट में यह महत्वपूर्ण तथ्य उद्घृत भी किया है। इसी के साथ एसआईटी ने यह भी माना है कि ट्रस्ट व बैंक के मध्य एमओयू (समझौता ज्ञापन) हुआ और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) निर्धारित की गई, लेकिन किसी भी स्तर पर इसका अनुपालन नहीं कराया गया।

हाउस कीपिंग कर्मी व मैनपावर उपलब्ध कराने वाली कंपनी से अनुबंध हुआ, जिसे गणना का अनुभव नहीं रहा। गणना कर्मी भी एजेंसी ने मनमाने तरीके से रखे। प्रवेश व निकास के समय जांच की व्यवस्था नहीं थी। इसी प्रकार अन्य कई अनियमितताएं सामने आईं तो ट्रस्ट व बैंक दोनों पर सवाल उठे, लेकिन गत दिनों हुई बैठक में ट्रस्टियों ने बैंक पर ही दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं करने का आरोप लगा दिया।

स्वयं पर अंगुलियां उठतीं देख बैंक अधिकारियों ने अब अपने ही कर्मचारियों से गणना कराने का निर्णय लिया है। सूत्रों का कहना है कि इस संबंध में आदेश जारी हो गया है, जबकि अयोध्या शाखा के प्रबंधक अनूप त्रिपाठी ने इसकी अनभिज्ञता जताई, तो क्षेत्रीय प्रबंधक एसबीआई मुरली मनोहर ने कोई बात करने से ही मना कर दिया।

वहीं, सैनिक सिक्योरिटी सर्विसेज कंपनी के मालिक गौरव सिंह ने कहाकि मुझे आगे अनुबंध नहीं बढ़ाने की जानकारी तो अभी नहीं मिली है। जो करना है, बैंक को ही करना है। जैसा निर्णय होगा, उस अनुसार कार्य किया जाएगा।

वर्तमान में बैंक कर्मी ही कर रहे गणना

पहले से एजेंसी के माध्यम से गणना कर रहे कर्मियों में से कई के अधिक दबाव व पूछताछ के भय से काम पर नहीं आने से चढ़ावे की गणना के लिए बैंक अपने कर्मियों को भेजने लगा।

चार-पांच दिन पूर्व गणना कक्ष से जुड़ीं कुछ सूचनाएं मीडिया में लीक हो जाने पर बैंक ने पहले से काम कर रहे सभी कर्मचारियों को हटा दिया है और एजेंसी से नए कर्मियों को रखने को कहा था, लेकिन इसी बीच नया आदेश जारी हो गया। इस कारण अब बैंक कर्मचारी ही गणना करते रहेंगे। वर्तमान में बैंक आवश्यकतानुसार कर्मियों को भेज रहा है, जो गणना व पर्यवेक्षणीय दोनों दायित्व निभा रहे हैं। एक शिफ्ट में लगभग 10-12 कर्मी ही आ रहे हैं।

पर्वों के समय अतिरिक्त मानव संसाधन जुटाने की होगी चुनौती

बैंक ने यदि स्वयं गणना का दायित्व निभाने का निर्णय लिया है, तो इससे सामान्य दिनों में तो कोई समस्या नहीं होगी, लेकिन किसी पर्व या विशेष तिथियों पर जब दर्शनार्थियों की संख्या बढ़ने पर दान में भी वृद्धि होती है, तो बैंक के सामने अतिरिक्त मानव संसाधन जुटाने की चुनौती होगी।

बैंक से जुड़े लोगों का कहना है कि ऐसी स्थिति में कुछ समय के लिए दूसरी शाखाओं से कर्मचारियों का प्रबंध करना होगा। अन्यथा, स्थायी व्यवस्था के लिए नई तैनाती भी करनी पड़ेगी। दरअसल, हमेशा एक शिफ्ट में गणना कराना संभव नहीं है, इसलिए दो शिफ्टों के लिए न्यूनतम 30-35 कर्मियों का प्रबंध करना होगा।

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