चढ़ावा चोरी: 'ब्लू जोन' घोषित इलाके में दो मंजिला मकान बनवा रहा था आरोपी लवकुश, चल सकता है बुलडोजर
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपी लवकुश मिश्र ने अयोध्या के प्रतिबंधित ब्लू जोन में अवैध रूप से मकान बनाया है। ...और पढ़ें

लवकुश के अर्धनिर्मित मकान पर चल सकता है बुलडोजर।

समय कम है?
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विनोद यादव, अयोध्या। महायोजना 2031 के अनुसार जिस क्षेत्र में आवासीय भवना का निर्माण नहीं हो सकता है, वहां राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपित लवकुश मिश्र ने मकान का निर्माण कराया है।
उसका भवन निर्माणाधीन है। यह क्षेत्र महायोजना के भाग ‘क’ में ब्लू जोन घोषित है। यह क्षेत्र सोहावल तहसील का हिस्सा है। सीमा विस्तार के बाद इस क्षेत्र को प्राधिकरण में शामिल किया गया है। लवकुश का यह निर्माणाधीन मकान सआदतगंज के निकट बनबीरपुर में है।
महायोजना 2031 में घोषित ब्लू जाेन में आने के कारण भी यह आवासीय भवना विकास प्राधिकरण के निशाने पर है। उसने बिना मानचित्र पास कराए ही निर्माण कराया है।
प्राधिकरण ने अवैध निर्माण को लेकर लवकुश मिश्र की पत्नी सुप्रिया के नाम नोटिस भेज कर जवाब मांगा था। सुप्रिया ने अभी तक नोटिस का जवाब नहीं दिया है। इसकी पुष्टि प्राधिकरण के सचिव ने की है। नोटिस का उत्तर न मिलने पर अब प्राधिकरण रिमाइंडर जारी करने की तैयारी में है।

चढ़ावा चोरी को लेकर लवकुश इन दिनों में जेल में निरुद्ध है। उसने इस भूखंड का बैनामा 16 अक्टूबर 2025 को अपनी पत्नी सुप्रिया के नाम कराया था।
इसकी रजिस्ट्री में लगभग आठ लाख 80 हजार रुपये खर्च हुए थे, जिसका उल्लेख दस्तावेज में है। इसी वर्ष छह मार्च को इसका नामांतरण (दाखिल खारिज) हुआ।
अब लवकुश का यह निर्माणाधीन मकान चर्चा में है और जांच के दायरे में है। विकास प्राधिकरण के अवर अभियंता सुरेंद्र यादव की जांच में मकान का निर्माण अवैध मिला है।

एडीए से नक्शा पास कराए बगैर दो मंजिल मकान का निर्माण हो रहा है। यदि रिमांइडर के बाद भी उत्तर नहीं आता तो मकान के खिलाफ सीलिंग अथवा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हो सकती है। इसका क्षेत्रफल लगभग एक हजार 24 वर्ग फिट है।
लवकुश थाना रुदौली के ठकुरान फगौली का रहने वाला है। जांच पड़ताल के दौरान उससे लगभग 14 लाख 25 हजार की नकदी भी मिली है।
एडीए सचिव एवं प्रवर्तन अधिकारी राजेश मिश्र ने बताया कि लवकुश के निर्माणाधीन मकान का मानचित्र प्राधिकरण से स्वीकृत नहीं कराया गया है। सचिव ने कहा पहली नोटिस का जवाब अब तक नही मिला है। ऐसे में दूसरी नोटिस देकर एक और मौका देने की योजना है।
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क्या है ब्लू जोन?
यह वह क्षेत्र है, जहां आवासीय व वाणिज्यिक भवन का निर्माण नहीं कराया जा सकता। प्राधिकरण अभिलेखों में बताया गया है कि इस क्षेत्र में संबंधित कार्मिक, कर्मचारी, स्टाफ आवास आदि ही निर्मित किए जा सकते हैं। ब्लू जोन का आशय सार्वजनिक व अर्द्ध सार्वजनिक सुविधा है।