UP में शुरू हुई जनगणना-2027 की प्रक्रिया, अधिकारी हुए नॉमिनेट; एक अप्रैल से शुरू होगा डिजिटल सेंसस का पहला चरण
केंद्र सरकार द्वारा जनगणना-2027 का कार्यक्रम घोषित होने के बाद उत्तर प्रदेश में भी इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह पहली डिजिटल जनगणना दो चरणों में हो ...और पढ़ें

लवलेश कुमार मिश्र, अयोध्या। केंद्र सरकार की ओर से जनगणना-2027 का कार्यक्रम घोषित किए जाने के बाद अब राज्यों में भी इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। एक अप्रैल 2026 से शुरू हो रहे पहले चरण के लिए जनगणना अधिनियम-1948 के अंतर्गत राज्यपाल के स्तर से चारों अनुसूचियों के अधिकारियों के पदनाम घोषित कर अधिसूचना जारी कर दी गई है।
मंडल स्तर पर मंडलायुक्त को मंडल जनगणना अधिकारी तो जिलों में जिलाधिकारियों को प्रमुख जनगणना अधिकारी बनाया गया है। अधिकारियों के कार्यों एवं दायित्वों का निर्धारण कर सहायता, पर्यवेक्षण व कार्य भी आवंटित कर दिया गया है।
देश में पहली बार हो रही डिजिटल जनगणना
पहली बार देश में हो रही डिजिटल जनगणना दो चरणों में पूरी होगी। पहला चरण एक अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक चलेगा। इसमें घरों की सूची बनेगी और बिजली, पानी, शौचालय जैसी सुविधाओं व संपत्तियों की गणना होगी। घर-घर पहुंचने वाले कर्मी 33 सवाल पूछेंगे। कर्मियों के घर तक पहुंचने से पहले नागरिकों को जनगणना एप या पोर्टल पर स्वयं की जानकारी भरने का विकल्प भी मिलेगा।
दूसरा चरण एक फरवरी 2027 से चलेगा। इसमें जातिगत आंकड़ों के साथ लोगों की वास्तविक गिनती होगी। 2011 के बाद लंबे अंतराल पर जनगणना होने जा रही है। 2021 में जनगणना कोरोना के कारण टल गई थी। जिलों में प्रमुख जनगणना अधिकारी (डीएम) के नेतृत्व में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) जिला जनगणना अधिकारी तथा सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, पंचायतराज अधिकारी, अपर जिला जनगणना अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे।
तहसीलों में सभी एसडीएम उप जिला जनगणना अधिकारी, समस्त तहसीलदार भारसाधन (चार्ज) अधिकारी, समस्त बीईओ अपर भारसाधन अधिकारी और प्रत्येक तहसील से एक राजस्व निरीक्षक को सहायक भारसाधन अधिकारी बनाया गया है। सभी नगर निगमों में नगर आयुक्त को अपर प्रमुख जनगणना अधिकारी, समस्त नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को भारसाधन अधिकारी बनाया गया है।
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अनुसूची-तीन में नोएडा (नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण), ग्रेटर नोएडा (ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण) और ईडा (यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) को रखा गया है। इनके मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को अपर प्रमुख जनगणना अधिकारी तथा प्रत्येक प्राधिकरण में से एक अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी को नगर जनगणना अधिकारी बनाया गया है।
अनुसूची-चार में औद्योगिक नगरी (आइटीएस) बनारस रेल इंजन कारखाना, पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर, चंदौली, रेलवे सेटलमेंट झांसी, हिंडालको इंडस्ट्रीज लिमिटेड व ग्रेसिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड, रेनूकूट को रखा गया है। इनके प्रमुखों की ओर से निर्दिष्ट अधिकारियों को भारसाधन अधिकारी व सहायक भारसाधन अधिकारी बनाया जाएगा।