अयोध्या में महिला ने प्रेमी से करा दी पति की हत्या, जमीन हड़पने के लालच में मिटाया अपना सुहाग
Ayodhya Crime: रुदौली पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। ...और पढ़ें

हत्या में पकड़े गए आरोपित के बारे में जानकारी देते एसएसपी डा. गौरव ग्रोवर : जागरण
HighLights
तीन वर्ष पहले ही हुआ था विवाह, हत्या में प्रयुक्त हथौड़ी बरामद
विवाह के बाद ही पति की सारी जमीन अपने नाम कराना चाहती थी शुभांगिनी
मृतक और पत्नी शुभांगिनी वर्मा के बीच जमीन को लेकर चल रहा था विवाद
पुलिस ने हत्या के बाद 48 घंटे में खोला केस, महिला और प्रेमी गिरफ्तार
जागरण संवाददाता, अयोध्या। रुदौली कोतवाली क्षेत्र में कुढ़ा सादात मार्ग पर झाड़ियों में मिले अज्ञात शव की गुत्थी पुलिस ने 48 घंटे के भीतर सुलझा ली। जांच में सामने आया कि जमीन के विवाद और कथित प्रेम संबंध के चलते पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी।
आरोपित प्रेमी ने अयोध्या घुमाने के बहाने मृतक को घर से बुलाया और रास्ते में हथौड़ी से वार कर उसकी हत्या कर शव को झाड़ियों में फेंक दिया। पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त हथौड़ी भी बरामद कर ली है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर ने घटना का खुलासा बुधवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ग्रामीण बलवंत चौधरी एवं क्षेत्राधिकारी रुदौली अरविंद सोनकर भी मौजूद रहे।
एसएसपी ने बताया कि 12 जुलाई को रुदौली कोतवाली क्षेत्र के कूड़ा सादात मार्ग स्थित लिंक रोड के किनारे झाड़ियों में एक अज्ञात शव बरामद हुआ था। शव पर गंभीर चोटों के निशान मिलने के बाद पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें हत्या की पुष्टि हुई। इसके बाद रुदौली पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की।
पुलिस ने मृतक की पहचान बाराबंकी के असंद्रा थाना क्षेत्र के पूरे ठेढ़ी मजरा पेंगापुर के 48 वर्षीय देवेंद्र कुमार वर्मा के रूप में की। विवेचना के दौरान पता चला कि 2023 में विवाह के बाद से मृतक और उसकी पत्नी शुभांगिनी वर्मा के बीच जमीन अपने नाम कराने को लेकर विवाद चल रहा था। इसी दौरान उसकी पत्नी के बाराबंकी के विपिन वर्मा से कथित प्रेम संबंध हो गए। दोनों ने मिलकर देवेंद्र कुमार की हत्या की योजना बनाई।
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पुलिस के अनुसार 11 जुलाई को शुभांगिनी के कहने पर विपिन वर्मा देवेंद्र कुमार को अयोध्या घुमाने के बहाने घर से अपने साथ ले गया। रास्ते में सुनसान स्थान पर हथौड़ी से कई वार कर उसकी हत्या कर दी और शव को सड़क किनारे झाड़ियों में छिपाकर फरार हो गया, ताकि पहचान न हो सके।
देवेंद्र के घर जाकर पूछातछ की गई, जिसमें पाया गया कि गत 12 जुलाई को वह विपिन के साथ बाइक से घर से निकला था। दोनों पूर्व परिचित थे। अयोध्या घुमाने का झांसा देकर विपिन देवेंद्रा को अपने साथ लेकर निकला था। कूढ़ा सादात के पास विपिन ने देवेंद्र से बाइक चलाने के लिए कहा, लेकिन देवेंद्र बाइक नहीं चला सका। इसके बाद उसने देवेंद्र से कहाकि वह बाइक लेकर पैदल चले। देवेंद्र उसकी बात मानते हुए बाइक लेकर पैदल चल पड़ा।
इसी बीच विपिन ने हथौड़ी से सिर के पीछे वार कर दिया, जिससे देवेंद्र की वहीं मौत हो गई। इसके बाद शव को झाड़ी में फेंक दिया। विपिन ने वहीं से फोन करके मृतक की पत्नी शुभांगिनी को काम हो जाने की सूचना दी। शुभांगिनी अपने पति देवेंद्र की भूमि अपने नाम कराना चाहती थी, लेकिन देवेंद्र ऐसा नहीं कर रहा था। इसलिए शुभांगिनी ने विपिन के साथ मिलकर उसकी हत्या करा दी।
घटना के अनावरण के लिए प्रभारी निरीक्षक संजय मौर्य के नेतृत्व में गठित टीम ने लगातार सीसीटीवी फुटेज खंगाली, मोबाइल लोकेशन और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से साक्ष्य जुटाए। तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस दोनों आरोपितों तक पहुंची। पूछताछ में दोनों के बयान और साक्ष्य मेल खाने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हथौड़ी भी बरामद की गई।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि दोनों आरोपितों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई पूरी कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि हत्या जैसे जघन्य अपराधों के खुलासे में तकनीकी साक्ष्यों और वैज्ञानिक विवेचना का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। इस सफलता में प्रभारी निरीक्षक संजय मौर्य, चौकी प्रभारी भेलसर उपनिरीक्षक युवराज सिंह, चौकी प्रभारी शुजागंज उपनिरीक्षक अभिषेक, हेड कांस्टेबल जीव सिंह,गौरीशंकर पटेल, कांस्टेबल दुर्गा प्रसाद यादव एवं राजेंद्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।