शिव मंदिर पर योगी और शेषावतार का केशव मौर्य करेंगे ध्वजारोहण, तैयारियों में जुटा ट्रस्ट
अयोध्या रामजन्मभूमि परिसर में शिव मंदिर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, शेषावतार मंदिर पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और मां दुर्गा मंदिर पर साध्वी ...और पढ़ें

शिव मंदिर पर योगी तो शेषावतार मंदिर पर केशव मौर्य करेंगे ध्वजारोहण।

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लवलेश कुमार मिश्र, अयोध्या। रामजन्मभूमि परिसर के परकोटे के ईशान कोण (उत्तरी-पूर्वी) पर निर्मित शिव मंदिर पर धर्म ध्वजा का आरोहण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों कराया जाएगा। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री को ध्वजारोहण के लिए बुलाने की योजना तैयार की है।
वहीं, परकोटे के वायव्य कोण (उत्तरी-पश्चिमी) पर निर्मित मां दुर्गा मंदिर पर साध्वी ऋतंभरा और परकोटे के बाहर राम मंदिर के पीछे बने शेषावतार मंदिर पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से ध्वजारोहण कराने की तैयारी है।
अभी इनके ध्वजारोहण की तिथि नहीं निश्चित हुई है। अतिथियों का आगमन निर्धारित हो जाने पर ट्रस्ट तिथि सुनिश्चित कर मंदिरों पर ध्वजारोहण को संपन्न कराएगा।
मंदिरों का निर्माण पूर्ण हो जाने के पश्चात श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने परकोटे में निर्मित छह और इसके बाहर बने एक पूरक मंदिरों के शिखर पर ध्वजारोहण का क्रम शुरू किया है।
ध्वजारोहण समारोह को अलग-अलग दिन और भिन्न-भिन्न अतिथियों के माध्यम से संपन्न कराया जा रहा है, जिससे यह दिन न केवल अविस्मरणीय बन सके, बल्कि विभिन्न वर्गों व मंदिर आंदोलन से जुड़े लोगों को भी समाहित किया जा सके।
नवरात्र की अष्टमी को जहां सूर्य मंदिर पर स्थानीय साधु-संतों के हाथों ध्वजारोहण कराया गया तो हनुमान जन्मोत्सव पर दो अप्रैल को पूर्व सांसद विनय कटियार व उनके संगठन बजरंग दल से जुड़े पदाधिकारियों को बुलाया गया।
अब 11 अप्रैल को गणेश मंदिर पर ध्वजारोहण निर्माण से जुड़ीं कार्यदायी एजेंसियों के अधिकारियों व सुरक्षा अधिकारियों के हाथों प्रस्तावित है। इसी क्रम में ट्रस्ट ने शेष बचे तीन पूरक मंदिरों पर ध्वजारोहण के कार्यक्रम को भी यादगार बनाने के लिए विशिष्ट अतिथियों को आमंत्रित करने की योजना बनाई है।
ट्रस्ट से जुड़े विहिप के एक पदाधिकारी के अनुसार शिव मंदिर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, शेषावतार मंदिर पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और मां दुर्गा मंदिर पर ध्वजारोहण साध्वी ऋतंभरा व दुर्गावाहिनी से जुड़ी महिला पदाधिकारियों के हाथों संपन्न होगा। ट्रस्ट इनका कार्यक्रम ले रहा है। जैसे ही यह तय हो जाएगा, ध्वजारोहण को संपन्न करा दिया जाएगा।
पहले मां दुर्गा मंदिर पर ध्वजारोहण होने की संभावना है। दुर्गावाहिनी संगठन की स्थापना 1991 में साध्वी ऋतंभरा ने ही की थी, वह इसकी संस्थापक रही हैं। इस कारण उनके साथ महिला पदाधिकारियों को भी बुलाया जाएगा।
वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरक्षपीठाधीश्वर हैं और वह नाथ संप्रदाय से जुड़े हैं। यह संपद्राय भगवान शिव की हठयोग परंपरा पर आधारित है। गुरु गोरक्षनाथ को भी शिवावतारी माना जाता है।
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