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    आजमगढ़ में श्री अन्न की खेती का बढ़ेगा दायरा, 5562 किसानों को दिया जाएगा फ्री बीज किट

    Updated: Sun, 12 Jul 2026 05:35 PM (GMT+05:30)

    आजमगढ़ में कृषि विभाग श्री अन्न (मिलेट्स) की खेती को बढ़ावा दे रहा है, जिसके लिए किसानों को मुफ्त बीज किट दिए जाएंगे। वर्ष 2026-27 के लिए सावा, कोदो, ...और पढ़ें

    5562 किसानों को दिया जाएगा फ्री बीज किट। AI जेनरेटेड फोटो

    5562 किसानों को दिया जाएगा फ्री बीज किट। AI जेनरेटेड फोटो

    HighLights

    1. आजमगढ़ में श्री अन्न की खेती को बढ़ावा।

    2. किसानों को मुफ्त बीज किट का वितरण होगा।

    3. सावा, कोदो, ज्वार, बाजरा के लक्ष्य निर्धारित।

    जागरण संवाददाता, आजमगढ़। जिले में श्री अन्न की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा, इसके लिए कृषि विभाग द्वारा किसानों को जागरूक किया जा रहा है। वर्ष 2026-27 में श्री अन्न की फसलों को उगाने का लक्ष्य तय कर दिया गया है। इसमें सावा की फसल को सात सौ हेक्टेयर में लगाया जाएगा। कोदो की फसल के लिए 800 हेक्टेयर एवं ज्वार की फसल को 5500 एवं बाजरा की फसल को 943 हेक्टेयर में कराया जाएगा।

    सावा, कोदा, ज्वार और बाजरा की खेती के क्षेत्रफल को बढ़ाया जा रहा है, इसके लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। अभी तक किसान परंपरागत गेंहू और धान की फसल को ही प्रमुखता देते हैं लेकिन अब श्री अन्न की फसलों को उगाने के लिए कृषि विभाग किसानों को निश्शुल्क किट उपलब्ध करा रहा है।

    कृषि विभाग के पास सावा के बीज की उपलब्धता के साथ 462 किट, कोदो के 550, ज्वार के 1400 एवं बाजरा के 3150 किट उपलब्ध हैं, इनका वितरण बुकिंग कराने वाले किसानों में किया जाएगा।

    जिले में श्री अन्न की खेती को बढ़ावा देने के लिए उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कृषि विभाग के अधिकारी किसानों को इसकी उपयोगिता बता रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक किसान श्री अन्न की फसलों को उगाएं।

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    बता दें कि पिछले साल सावा की खेती 500 एवं कोदो की खेती 600 हेक्टेयर में हुई थी। इसलिए इस बार सावा की खेती का लक्ष्य 700 एवं कोदो की खेती का लक्ष्य 800 हेक्टेयर रखा गया है।

    इसी तरह से ज्वार की खेती पांच हजार हेक्टेयर में की गई थी, जिसे बढ़ाकर 5500 हेक्टेयर किया गया है। इसी तरह से बाजरा की खेती भी 900 हेक्टेयर में हुई और इस बार 943 हेक्टेयर लक्ष्य तय किया गया है।

    श्री अन्न की फसलों का उत्पादन कम पानी में होता है और यह बहुत फायदेमंद हैं। श्री अन्न की फसलों में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फाइबर, विटामिन आदि पोषक तत्व मिलते हैं, जो शरीर को स्वस्थ रखने में मददगार होते हैं। शासन से मिले लक्ष्य को पूरा कराया जाएगा। अगर किट की कमी हुई तो उसकी दुबारा उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी, ताकि अधिक से अधिक किसान श्री अन्न की खेती कर सकें। -सदानंद चौधरी, जिला कृषि अधिकारी।

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