आजमगढ़ में मलेशियाई नागरिक का सरकारी योजना फर्जीवाड़ा उजागर, 2.33 लाख रुपये जब्त
निजामाबाद पुलिस ने मलेशियाई नागरिक बनकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले मो. कुद्दूस के बैंक खाते में जमा 2.33 लाख रुपये फ्रीज कर दिए हैं। ...और पढ़ें

HighLights
मलेशियाई नागरिक मो. कुद्दूस का बैंक खाता फ्रीज, 2.33 लाख जब्त।
सरकारी योजनाओं का अवैध लाभ लेने के आरोप में कार्रवाई।
फर्जी दस्तावेजों से दोहरी पहचान बनाकर मतदाता सूची में नाम था।
जागरण संवाददाता, आजमगढ़। निजामाबाद थाना की पुलिस ने सोमवार को मलेशियाई नागरिक बनकर सरकारी योजनाओं का लाभ वाले आरोपित सुराई गांव निवासी माे. कुद्दूस के खाते में जमा 2,33,465 रुपये को फ्रीज कर दिया है। कोर्ट के आदेश पर फ्रीज किए गए रुपये को राहत कोष में जमा कराया जाएगा।
उपनिरीक्षक राज नरायण पांडेय ने बताया कि आरोपित ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मलेशिया की नागरिकता प्राप्त कर ली थी और वहां का पासपोर्ट बनवा लिया था। भारत में डबल आइडेंटिटी (दोहरी पहचान) के जरिए रह रहा था।
विदेशी नागरिक होने के बावजूद वह चुपके से भारतीय योजनाओं का लाभ उठा रहा था। पुलिस की प्रभावी जांच और न्यायालय के आदेश के बाद आरोपित के बैंक खाते को फ्रीज करते हुए 2,33,465 रुपये की अवैध धनराशि को जब्त करने का निर्देश दिया गया है।
दोहरी पहचान और ओसीआई कार्ड का था खेल
पुलिस के अनुसार, निजामाबाद थाना अंतर्गत सुराई गांव निवासी मो. कुद्दूस उर्फ मोहम्मद कुद्दूस ने कूटरचित दस्तावेजों का सहारा लिया था। वह लंबे समय से मलेशिया में रह रहा था और उसने वर्ष 2013 में ही मलेशिया की नागरिकता प्राप्त कर ली थी। इसके बाद वर्ष 2016 में उसे ओवरसीज सिटीजन आफ इंडिया (ओसीआई) कार्ड भी मिल गया।
हैरानी की बात यह है कि ओसीआई कार्ड धारक और विदेशी नागरिक होने के बावजूद, उसका नाम ग्राम सुराई की मतदाता सूची में दर्ज था और वह एक भारतीय नागरिक बनकर रह रहा था। सरकारी योजनाओं की लालच में उसने अपना आधार कार्ड भी निरस्त नहीं करवाया था।
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ऐसे पकड़ा गया फर्जीवाड़ा
वर्ष 2026 के मार्च माह में जेल जाने के बाद जल्द ही हाइकाेर्ट से जमानत पर छूटे आरोपित मो. कुद्दूस अपने घर लौटा था। इसी दौरान मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआइआर) के अंतर्गत जांच के दौरान उसके फर्जीवाड़े की पोल खुलनी शुरू हुईं।
जांच में सामने आया कि वह सरकार द्वारा चलाई जा रही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, आयुष्मान कार्ड और मुख्यमंत्री विवेकाधीन योजना जैसी कई सरकारी सुविधाओं का अवैध रूप से लाभ ले रहा था। इस मामले का संज्ञान लेते हुए आजमगढ़ पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब कोर्ट के आदेश पर खाता में जमा राशि फ्रीज कर दिया गया है।