आजमगढ़ में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने वाला नगर पालिका कर्मचारी गिरफ्तार, तीन साल से कर रहा था काम
मुबारकपुर पुलिस ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने के आरोप में नगर पालिका के आउटसोर्स कर्मचारी खुर्शीद को गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें

HighLights
मुबारकपुर नगर पालिका का आउटसोर्स कर्मचारी खुर्शीद गिरफ्तार।
कूटरचित डिजिटल हस्ताक्षरों से बनाए 100 से अधिक फर्जी प्रमाण पत्र।
सरकारी अभिलेखों में उपयोग के लिए बेचता था ये प्रमाण पत्र।
जागरण संवाददाता, आजमगढ़। मुबारकपुर थाना पुलिस ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार कर सरकारी अभिलेखों में उपयोग कराने के मामले में नगर पालिका परिषद मुबारकपुर के एक आउटसोर्स कर्मचारी 37 वर्षीय खुर्शीद निवासी पूरारानी को गिरफ्तार किया है। आरोपित पर कर्मचारी व अधिशासी अधिकारी के कूटरचित डिजिटल हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार करने का आरोप है।
नगर पालिका परिषद मुबारकपुर के जन्म-मृत्यु प्रभारी रणविजय सिंह की तहरीर पर 12 जुलाई को मुबारकपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
जांच में पता चला कि मोहम्मद सैफ के नाम से जारी जन्म प्रमाण पत्र नगर पालिका की ओर से निर्गत नहीं किया गया था, बल्कि कर्मचारी व अधिशासी अधिकारी के फर्जी डिजिटल हस्ताक्षर लगाकर तैयार किया गया था।
विवेचना में सामने आया कि विदेश में रह रहे मोहम्मद नईम ने अपने पुत्र का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अपने भतीजे अब्दुल करीम के माध्यम से नगर पालिका के आउटसोर्स कर्मचारी खुर्शीद से संपर्क किया था।
आरोप है कि खुर्शीद ने आवश्यक अभिलेख और धनराशि लेकर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार किया, जिसका उपयोग राशन कार्ड सहित अन्य सरकारी अभिलेखों में नाम दर्ज कराने के लिए किया गया।
मंगलवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मुबारकपुर रोडवेज तिराहे से खुर्शीद को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपित ने रुपये के लालच में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार करने की बात स्वीकार की।
सीओ सदर आस्था जायसवाल ने बताया कि पुलिस मामले में अन्य लोगों की संलिप्ता व अभी तक कितने फर्जी प्रमाण पत्र बनाए थे इसकी जांच की जा रही है।
साढ़े तीन साल से कर रहा था काम
आउटसोर्स कर्मचारी खुर्शीद साढ़े तीन साल पहले नगर पालिका परिषद मुबारकपुर नियुक्त हुआ था। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार नियुक्ति के बाद से ही वह गलत काम करना शुरू कर दिया था। आरोपित खुर्शीद अक्सर रात में प्रमाण पत्र बनाता था जिससे किसी को संदेह नहीं हो।
पुलिस की मानें तो अभी तक वह 100 से अधिक फर्जी प्रमाण पत्र बना चुका होगा, हालांकि यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा की उसने कितने प्रमाण पत्र बनाए है। मो. सैफ के नाम से जारी प्रमाण पत्र भी 25 अक्टूबर 2025 को देर रात दो बजे जारी हुआ है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।