15 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधी चढ़े पुलिस के हत्थे, चीनी हैंडलरों को भेजते थे रुपये
ऑनलाइन प्रोडक्ट की सेल व मार्केट वैल्यू बढ़ाने के लिए इंटरनेट मीडिया पर प्रोडक्ट बूस्ट करने, रुपये दुगने, कंपनी में निवेश, आनलाइन गेमिंग के नाम पर लोग ...और पढ़ें
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HighLights
लखनऊ से दो अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधी गिरफ्तार।
ऑनलाइन ठगी से 15 करोड़ रुपये से अधिक लूटे।
ठगी का पैसा चीनी हैंडलरों को भेजा जाता था।
जागरण संवाददाता, आजमगढ़। ऑनलाइन प्रोडक्ट की सेल व मार्केट वैल्यू बढ़ाने के लिए इंटरनेट मीडिया पर प्रोडक्ट बूस्ट करने, रुपये दुगने, कंपनी में निवेश, आनलाइन गेमिंग के नाम पर लोगों से 15 करोड़ से अधिक की ठगी करने वाले सरगना समेत दो अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधियों को जनपद की साइबर थाना की पुलिस ने लखनऊ को साइबर अपराधियों को गोडम्बा से गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार बदमाशों की पहचान अभिषेक गुप्ता (गिरोह का सरगना) निवासी जानकीपुरम, सेक्टर-एच, लखनऊ और शाश्वत अवस्थी निवासी संजय गांधी पुरम, फैजाबाद रोड, इंदिरा नगर, लखनऊ के रूप में हुई है। जनपद की साइबर थाना की पुलिस ने इससे पहले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर चुकी है।
अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि गिरफ्तार अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधी ठगी के रुपये यूएसडीटी (यूनाइटेड स्टेट्स डालर टेडर) क्रिप्टो करेंसी में परिवर्तित कर चीनी हैंडलरों को भेजते हैं। दोनों बदमाशों के पास से नेपाल का सिम, 6.32 लाख रुपये नकद, 11 मोबाइल, 12 एटीएम कार्ड, रुपये गिनने वाली मशीन, नौ चेबुक, दो पास बुक सहित हाईकोर्ट अधिवक्ता लिखी काली रंग की स्कार्पियो बरामद हुआ है।गिरोह के सदस्यों ने अब तक चार से पांच सौ लोगों के साथ ठगी की घटना को अंजाम दिया है।
साइबर टीम गिरोह से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने में जुटी है। एएसपी ने बताया कि पूर्व में रौनापार थाना के गांगेपुर निवासी भूपेंद्र नाथ यादव ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके बेटे आर्यन यादव के मोबाइल फोन पर अनजान नंबर से टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ने का संदेश आया। ग्रुप से जुड़ने के बाद, एक व्यक्ति ने इंटरनेट कालिंग करके बताया कि वह वू-कामर्स कंपनी के लिए काम करता है।
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साइबर अपराधियों ने बेटे आर्यन को झांसे में लेते हुए कंपनी में निवेश करने के नाम पर 112.64 लाख रुपये की ठगी कर लिया। तहरीर के आधार साइबर थाना की पुलिस मामला दर्ज कर विवेचना में जुट गई। साइबर थाना प्रभारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने टीम के साथ पूर्व में 27 अक्टूबर 2025 को टीम ने गिरोह के चार सदस्यों को लखनऊ से गिरफ्तार किया था।