यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 07, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Azamgarh Shreya Tiwari Case: शिक्षक एसोसिएशन व अभिभावक संघ आमने-सामने, बच्चों को स्कूल न भेजने का किया आह्वान
Azamgarh Shreya Tiwari Case आजमगढ़ में 11वीं की छात्रा श्रेया तिवारी की मौत के मामले में स्कूल की प्रिंसिपल और शिक्षक की गिरफ्तारी को लेकर सीबीएसई ...और पढ़ें

HighLights
- चिल्ड्रेन गर्ल्स कॉलेज आजमगढ़ में 31 अगस्त को श्रेया तिवारी की मौत का मामला
- सीबीएसई स्कूल मैनेजर्स एसोसिएशन ने आठ अगस्त को किया निजी स्कूलों की बंदी का ऐलान
- अभिभावक संघ ने इस निर्णय के विरोध में नौ अगस्त को स्कूल न जाने का किया आह्लान
आजमगढ़, जागरण संवाददाता। Azamgarh Shreya Tiwari Case: आजमगढ़ के हरवंशपुर स्थित चिल्ड्रेन गर्ल्स कॉलेज में 11वीं की छात्रा श्रेया तिवारी की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। स्कूल की प्रिंसिपल और शिक्षक की गिरफ्तारी को लेकर शिक्षक एसोसिएशन और अभिभावक संघ आमने-सामने आ गए हैं।
बंद के ऐलान के बाद अभिभावक संघ भी मैदान में कूदा
प्रिंसिपल और शिक्षक की गिरफ्तारी को लेकर सीबीएसई स्कूल मैनेजर्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश, भारत ने आठ अगस्त को सभी निजी विद्यालयों को बंद कर शिक्षकों को काली पट्टी बांध काम करने का ऐलान किया है। प्रतिक्रिया में उत्तर प्रदेश अभिभावक महासंघ ने निर्णय के विरोध में नौ अगस्त को अभिभावकों से अपने बच्चों को स्कूल न भेजने का आह्वान किया है। इस मामले को लेकर तमाम संगठन भी कूद पड़े हैं।
क्या है श्रेया तिवारी की मौत का पूरा मामला?
- चिल्ड्रेन गर्ल्स कॉलेज में छात्राओं का मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित है। 28 जुलाई को श्रेया के बैग से मोबाइल मिलने पर उससे पूछताछ हुई। फिर 31 जुलाई को श्रेया से इस बाबत पूछताछ हुई।
- आरोप है कि उसे प्रिंसिपल सोनम प्रणव मिश्रा और क्लास टीचर अभिषेक राय ने न सिर्फ खड़ा कराए रखा, बल्कि जमकर प्रताड़ित भी किया। इससे आजिज आकर श्रेया ने विद्यालय की तीसरी मंजिल से कूदकर जान दे दी।
- इस मामले में मृत छात्रा के पिता द्वारा लगाए गए आरोप की जांच के बाद पुलिस ने हत्या की धारा बदलकर आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने का मामला दर्ज किया।
- जांच में प्रिंसिपल व शिक्षक को पुलिस ने जिम्मेदार ठहराते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया था। न्यायालय ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
एसोसिएशन ने किया विरोध
गिरफ्तारी के निर्णय से खफा एसोसिएशन ने स्कूल बंद कर काली पट्टी बांध शिक्षकों के स्कूल पहुंचने का निर्णय किया। स्कूल एसोसिएशन का कहना है कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से सबक लेते हुए निजी विद्यालय आठ अगस्त को जागरूकता दिवस मनाएंगे। प्रदेश भर के स्कूल एक साथ सौहार्द एवं एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराएंगे।
निजी स्कूलों की तानाशाही रवैए के खिलाफ होना होगा एकजुट
उत्तर प्रदेश अभिभावक महासंघ व आजमगढ़ के तमाम संगठनों की सोमवार को कुंवर सिंह उद्यान में हुई बैठक में स्कूलों की एकजुटता के विरोध में जवाब देने के लिए कमर कसने का आह्लान किया गया। वक्ताओं ने हुंकार भरी कि निजी स्कूलों की तानाशाही रवैए के खिलाफ सभी अभिभावकों को एकजुट होना होगा। शिक्षा के नाम पर निजी विद्यालय हमें लूटते आए हैं। अब अपने बच्चों की हत्या होते तो हम लोग नहीं देख सकते। आह्वान किया कि इन स्कूल संचालकों को दिखाना होगा कि अगर तुम लोग अपनी एकता का प्रदर्शन कर सकते हो तो हमारी संख्या लाखों-करोड़ों में हैं।
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उत्तर प्रदेश अभिभावक महासंघ के सचिव गोविन्द दुबे ने आह्वान किया कि नौ अगस्त को हम सब अपने बच्चों को स्कूल न भेजें, ताकि इन हिटलरशाहों को यह पता चल सके कि तुम्हारी रोजी-रोटी हमसे है हमारी रोजी-रोटी तुमसे नहीं। इस अवसर पर गांधीगिरी टीम, जेवाईएसएस टीम, प्रयास संस्था और तमाम संगठन के लोग रहे।