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    यूपी में कक्षा 3 के छात्र को क्लासरूम में बंद कर घर चले गए गुरुजी, घंटों भूख-प्यास से तड़पता रहा मासूम

    Updated: Tue, 14 Apr 2026 10:54 AM (IST)

    अतरौलिया के प्राथमिक विद्यालय एदिलपुर में कक्षा तीन के छात्र को क्लासरूम में बंद कर सभी शिक्षक और कर्मचारी घर चले गए, जबकि वह क्लास में सो गया था। ...और पढ़ें

    क्लासरूम में सो रहा था छात्र तो ताला जड़कर घर चले गए शिक्षक।

    क्लासरूम में सो रहा था छात्र तो ताला जड़कर घर चले गए शिक्षक।

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    संक्षेप में पढ़ें

    जागरण संवाददाता, अतरौलिया (आजमगढ़)। अतरौलिया शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय एदिलपुर में शिक्षकों की लापरवाही प्रकाश में आयी है। कक्षा-तीन के छात्र को स्कूल के कमरे में बंद करके शिक्षक घर चले गये और मासूम घंटों तक भूख और प्यास से तड़पता रहा।

    बच्चे की गलती बस इतनी थी कि वह अपने क्लासरूम में सो गया था। स्कूल की छुट्टी होने के बाद भी किसी ने उसे जगाया नहीं और कमरा बंद करके शिक्षक एवं अन्य स्टाफ स्कूल से चले गये।

    बच्चे के घर नहीं पहुंचने पर परेशान मां ने गांव के अन्य बच्चों से पूछताछ की लेकिन कुछ पता नहीं चला। अंत में थक-हारकर मां जब शाम चार बजे स्कूल में पहुंची तो बच्चा भूख और प्यास के कारण कमरे में बिलख रहा था।

    अपने क्लासरूम में सो गया था बच्चा

    अतरौलिया क्षेत्र के दादर गांव निवासी हिमांशु राजभर प्राथमिक स्कूल एदिलपुर में कक्षा-तीन का छात्र है। प्रतिदिन की तरह सोमवार को भी वह स्कूल गया। पढ़ाई के दौरान ही उसे नींद आ गई और वह कमरे में सो गया।

    स्कूल की छुट्टी होने के बाद विद्यालय के सभी कमरों में ताला बंद करके शिक्षक और अन्य कर्मचारी अपने-अपने घर चले गये। किसी ने भी ताला बंद करने के पहले यह जानने का प्रयास नहीं किया कि कहीं कोई बच्चा किसी क्लासरूम में बंद तो नहीं हो गया है।

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    कमरे की जांच किए बिना ही सभी लोग चले गए

    कमरों की जांच किये बिना ही शिक्षक और कर्मचारी ताला बंद करके चले गये। काफी देर तक हिमांशु जब घर नहीं पहुंचा तो उसकी मां फूला देवी परेशान हो गई और गांव के ही साथ पढ़ने वाले बच्चों से हिमांशु के बारे में पूछताछ करनी शुरू कर दी, लेकिन कुछ पता नहीं चला।

    अंत में वह बदहवास हालत में अपने बेटे को खोजते हुए शाम चार बजे स्कूल पहुंची तो देखा कि बच्चा कमरे में बंद है और वह भूख और प्यास के कारण बिलख रहा है।

    बच्चा भूख-प्यास से बिलख रहा था

    इसके बाद ग्रामप्रधान को सूचना दी गई और स्कूल की चाभी मंगवाकर कमरे को खोलवाया गया। कमरा खुलने के बाद हिमांशु डरा-सहमा और रोता हुआ बाहर निकला। हिमांशु की हालत को देखकर ग्रामीण आक्रोशित हो गये।

    ग्रामीणों ने कहा कि अगर उसकी मां स्कूल नहीं पहुंचती तो हिमांशु के साथ कोई अनहोनी हो सकती थी। ग्रामीणों ने दोषी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

    यह बहुत ही लापरवाही है, शिक्षकों को कमरा बंद करने के पहले एक बार जरूर देखना चाहिए कि कहीं कोई बच्चा कमरे में बंद तो नहीं हो रहा है। शिक्षकों से स्पष्टीकरण तलब किया है, इसमें संतोषजनक जवाब नहीं मिलने या जिसकी भी गलती मिलेगी उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
    राजीव पाठक, बेसिक शिक्षाधिकारी