आजमगढ़ में मौलाना शमशुल के घर ED की रेड, ब्रिटिश नागरिकता छिपाकर सालों तक ली सैलरी
आजमगढ़ के मुबारकपुर में ईडी ने मौलाना शमशुल हुदा खान के बंद घर पर छापा मारा। उन पर ब्रिटिश नागरिकता छिपाकर मदरसा शिक्षक के रूप में वेतन लेने और विदेशी ...और पढ़ें


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जागरण संवाददाता, आजमगढ़। मुबारकपुर थाना क्षेत्र के आदमपुर मोहल्ला अजीज नगर स्थित शमशुल हुदा खान के घर ईडी की टीम ने सुबह साढ़े सात बजे दबिश दी। चार गाड़ियों के करीब एक दर्जन ईडी के अधिकारी शमशुल हुदा के दो मंजिला मकान का ताला तोड़ अंदर घुसने के बाद जांच शुरू कर दी।
इस दौरान किसी को भी मोहल्ले में घुसने की अनुमति नहीं थी, ईडी की टीम ने आसपास के लोगों से जिस जमीन पर मकान बना है उसके बार में पूछताछ की। टीम ने फीता लेकर मकान के चौहदी की भी नापी की। इस दौरान घर के अंदर कुछ तोड़ने की भी आवाज स्थानीय लोगों को सुनाई दे रही थी।
स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब 20 से 22 सालों से मकान में ताला बंद है। बताते चले कि ब्रिटेन की नागरिकता छिपाकर लगभग पांच वर्ष तक वेतन लेने वाले दारूल उलूम अहले सुन्नत मदरसा अशरफिया मिस्बाहुल उलूम मुबारकपुर के आलिया सेक्शन के अध्यापक और संतकबीर नगर जिले के मोहल्ला रजा नगर की रजा मंजिल निवासी शमशुल हुदा खान पर मदरसा प्रबंधक सरफराज ने मुबारकपुर थाने में छह जून-2025 को धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था।

बताते चलें कि मौलाना शमशुल हुदा खान वर्ष 2007 से ब्रिटेन में निवासरत था और वर्ष 2013 में उसने भारतीय नागरिकता त्याग कर ब्रिटिश नागरिकता ग्रहण कर ली थी। इसके बावजूद वर्ष 2017 तक आजमगढ़ के मदरसा दारुल उलूम अहले सुन्नत मदरसा अशरफिया मिस्बाहुल में आलिया सेक्शन के शिक्षक के रूप में कार्यरत रहा और इस दौरान सरकारी वेतन लेता रहा।
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बाद में उसे पेंशन का भुगतान भी किया गया। जांच में राजफाश हुआ कि शमशुल हुदा खान ने मदरसा संचालन की आड़ में विदेश से धन एकत्र कर भारत भेजा, जिसके लिए संत कबीर नगर के कुल्लियातुर बनातिर रजविया एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी और रजा फाउंडेशन जैसे एनजीओ का उपयोग किया गया।
इस प्रकरण में शमशुल हुदा खान के रिश्तेदार करीम खान की शिकायत पर 2007 से 2017 तक जिला प्रशासन की तरफ से गठित समिति ने जांच थी। जिसमें अल्पसंख्यक विभाग के तत्कालीन अधिकारियों के विरुद्ध की गई जांच की आख्या शासन को भेजी गई थी।
जिसमें उल्लेख किया गया था कि आजमगढ़ में तैनात तत्कालीन संयुक्त निदेशक शेषनाथ पांडेय, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी साहित्य निकष सिंह (वर्तमान में गाजियाबाद), तत्कालीन स्टाफ लालमन (वर्तमान में डीएमओ बरेली) और प्रभात कुमार (वर्तमान में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अमेठी) में तैनात है।