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    पुलिस का नया हथियार बना 'प्रतिबिंब', 1100 करोड़ की ठगी का खुलासा, 60 से अधिक गिरफ्तारी, 6 करोड़ की रिकवरी

    Updated: Wed, 22 Jul 2026 06:51 PM (IST)

    आजमगढ़ में पुलिस के 'प्रतिबिंब' ऐप ने साइबर अपराधों पर शिकंजा कसा है, जिससे 1100 करोड़ से अधिक की ठगी का खुलासा हुआ और 6 करोड़ रुपये की वसूली हुई है। ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, आजमगढ़। डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच पुलिस ने तकनीक को अपना सबसे बड़ा हथियार बना लिया है। इसमें साइबर पुलिस का सबसे बड़ा हथियार प्रतिबिंब एप बनकर उभरा है, जो अपराधियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रख रहा है।

    अब साइबर अपराधी चाहे गांव में छिपे या शहर के किसी कोने में ठिकाना बनाएं, उनके लोकेशन और नेटवर्क तक पहुंच बनाना एप की मदद से आसान हो गया है। इस एप की मदद से पुलिस तेजी से कार्रवाई कर अपराधियों को दबोच रही है, जिससे साइबर अपराधियों में डर का माहौल बन गया है।

    जनपद में अभी तक साइबर पुलिस की टीम ने इस एप की मदद से 1100 करोड़ से अधिक ठगी का राजफाश कर चुकी है। इसके साथ ही साइबर पुलिस अब तक 60 से अधिक साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। साइबर टीम ने एप की मदद से छह करोड़ रुपये से अधिक की रिकवरी भी कर चुकी है।

    अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि प्रतिबिंब एप के प्रयोग से पहले साइबर अपराधियों को ट्रेस करने में काफी परेशानी होती थी। पहले गिरफ्तारी का आंकड़ा 20 से 25 प्रतिशत के आसपास था, लेकिन वर्ष 2024 से प्रतिबिंब एप विकसित होने के बाद मानो साइबर अपराध करने वालों की कमर टूट सी गई है। इसकी मदद से अपराधियों की गिरफ्तारी का आंकड़ा 60 से 70 प्रतिशत के करीब पहुंच गया है।

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    कैसे काम करता है प्रतिबिंब एप?

    साइबर अपराधी लोगों को अपने जाल में फंसाने व उनके खातों से राशि ठगने को लेकर तरह तरह के तरीके अपनाते हैं। ठगी के तरीके में बैंक खातों को केवाइसी कराने को लेकर फर्जी बैंक अधिकारी बनकर, एटीएम बंद होने, नौकरी, लाटरी, मेडिकल इमरजेंसी, न्यूड वीडियो काल कर ब्लैकमेल करने के अलावा कई अन्य माध्यमों से लोगों को ठगते हैं।

    इन ठगी के उपायों में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल नंबर और खाते को साइबर पुलिस प्रतिबिंब एप पर फीड कर दिया जाता है। दोबारा भविष्य में साइबर अपराधी जब उसी नंबर या खाते का प्रयोग करते हैं, तो प्रतिबिंब एप अपने आप उन्हें ट्रेस कर लोकेशन शेयर कर देती है। जिससे अपराधियों को दबोचने में पुलिस टीम को काफी आसानी होती है।

    केस स्टडी

    1100 करोड़ के ठगी का राजफाश

    प्रतिबिंब एप से मिले नंबर की जांच में पता चला कि उक्त मोबाइल नंबर छत्तीसगढ़, रायपुर, भिलाई के बैंकों से लिंक है। सभी खाताधारक अलग-अलग राज्यों के रहने वाले थे। जांच में करीब 1100 करोड़ के ठगी का मामला प्रकाश में आया था।

    साइबर अपराधी गेमिंग एप के माध्यम से लोगों के साथ ठगी करते थे। जनपद की साइबर थाना की पुलिस ने इस मामले में 20 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। साइबर अपराधियों के पास से पुलिस ने 150 एंड्रायड फोन, 11 लैपटाप, 50 पासबुक, 30 चेकबुक, 136 एटीएम कार्ड बरामद किया था।

    84 करोड़ की साइबर ठगी में तीन हुए थे गिरफ्तार

    प्रतिबिंब एप से मिले डिटेल के आधार पर पुलिस ने आनलाइन ट्रेडिंग और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 84 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से जुड़े गिरोह के तीन सदस्यों को साइबर थाना की पुलिस ने गिरफ्तार किया था। आरोपित कमीशन पर बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। इनके खिलाफ 20 राज्यों में 73 शिकायतें दर्ज हैं।

    36 करोड़ की ठगी का चला था पता, पांच हुए थे गिरफ्तार

    साइबर थाना की पुलिस टीम को प्रतिबिंब एप से एक नंबर प्राप्त हुआ था। जिसकी जांच करने पर पता चला कि उक्त मोबाइल नंबर से करीब 24 बैंकों के खाते लिंक है। जांच में पता चाल कि सभी खाताधारक जौनपुर के रहने वाले हैं, लेकिन संचालन आजमगढ़ के बरदह व निजामाबाद से किया जा रहा है। एप की मदद से पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था, जिनका कनेक्शन जामताड़ा के साइबर गैंग से था।

    साइबर अपराधों के पर्दाफाश और अपराधियों तक पहुंचने में प्रतिबिंब पोर्टल बेहद प्रभावी साबित हो रहा है। इसके माध्यम से कई बड़े साइबर ठगी गिरोहों का खुलासा कर आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जनपद की साइबर क्राइम थाना और साइबर सेल समन्वय के साथ लगातार कार्रवाई कर रही हैं, जिससे साइबर अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा रहा है।

    -चिराग जैन, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण।