बदायूं एचपीसीएल मर्डर केस का ट्रायल शुरू: वादी के बयान दर्ज, अदालत में हुआ कुछ ऐसा कि टिकीं सबकी निगाहें
बदायूं के एचपीसीएल सीबीजी प्लांट में हुए दोहरे हत्याकांड का ट्रायल शुरू हो गया है, जिसमें वादी जीशान अंसारी के बयान दर्ज किए गए। अदालत ने अगली सुनवाई ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
HighLights
अधिकारियों के स्वजन पहुंचे अदालत, मुख्य आरोपित की वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई पेशी
जागरण संवाददाता, बदायूं। मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैंजनी स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम के सीबीजी प्लांट में 12 मार्च को हुई दो अधिकारियों की हत्या के मामले में सोमवार से जिला एवं सत्र न्यायाधीश विवेक सगल की अदालत में ट्रायल शुरू हो गया। पहली सुनवाई में वादी एवं एचपीसीएल के जूनियर एग्जीक्यूटिव और हत्याकांड के वादी जीशान अंसारी के बयान दर्ज किए गए। इसके बाद अदालत ने अगली सुनवाई चार अगस्त निर्धारित कर दी।
पुलिस विवेचना पूरी होने के बाद मई में आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। अदालत ने 24 जुलाई को चार्जशीट स्वीकार करते हुए तीन अगस्त को ट्रायल शुरू करने की तारीख तय की थी। सोमवार को सुनवाई शुरू होते ही अभियोजन पक्ष ने वादी को गवाही के लिए पेश किया।
बयान दर्ज होने के बाद बचाव पक्ष की ओर से समय मांगे जाने पर अदालत ने मामले की सुनवाई मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी। ट्रायल शुरू होने के साथ ही दोनों मृत अधिकारियों के स्वजन भी अदालत पहुंचे। तत्कालीन उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता की पत्नी रश्मि गुप्ता और उनके पिता दयाकिशन गुप्ता न्यायालय में मौजूद रहे।
वहीं सहायक उपप्रबंधक हर्षित मिश्रा के पिता सुशील कुमार मिश्रा भी पूरी कार्यवाही के दौरान अदालत में उपस्थित रहे। करीब पांच महीने बाद मुकदमे की सुनवाई शुरू होने से दोनों परिवारों ने न्याय मिलने की उम्मीद जताई।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभारी डीजीसी (क्रिमिनल) अनिल राठौर ने पैरवी की, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता सोमेंद्र सोलंकी ने पक्ष रखा। आरोपित अभय प्रताप सिंह को जिला कारागार से अदालत में पेश किया गया, जबकि मुख्य आरोपित अजय प्रताप सिंह की पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कराई गई।
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यह था मामला
12 मार्च को सैंजनी स्थित एचपीसीएल के सीबीजी प्लांट में उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता और सहायक उपप्रबंधक हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद जूनियर एग्जीक्यूटिव जीशान अंसारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ था।
पुलिस जांच में अजय प्रताप सिंह, अभय प्रताप सिंह, केशव सिंह, मुनेंद्र विक्रम समेत पांच आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपित अजय प्रताप सिंह वारदात के बाद थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया था।
बाद में असलहा बरामदगी के दौरान पुलिस पर फायरिंग के आरोप में हुई जवाबी कार्रवाई में वह घायल भी हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए अजय प्रताप सिंह और अभय प्रताप सिंह पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत भी कार्रवाई की जा चुकी है। अब अदालत में गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर नियमित सुनवाई आगे बढ़ेगी।