बदायूं में 17 साल की किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की सजा, 50 हजार जुर्माना भी ठुका
बदायूं में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के दोषी श्याम को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर 50 ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
HighLights
हजरतपुर थाने में वर्ष 2022 में दर्ज मुकदमे में साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सुनाया फैसला
जागरण संवाददाता, बदायूं। किशोरी को बहला-फुसलाकर अपहरण करने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट, कक्ष-दो नीरज कुमार गर्ग ने आरोपित को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। साथ ही आदेश दिया कि जुर्माने की पूरी राशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान की जाए।
थाना हजरतपुर क्षेत्र निवासी वादी ने 10 मार्च 2022 को पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसकी 17 वर्षीय पुत्री को पड़ोस में आने-जाने वाला श्याम पुत्र लालदेव निवासी ग्राम राय, थाना खेलारी, जिला रांची झारखंड बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया।
वादी के भाई ने आरोपित को किशोरी को बाइक पर ले जाते हुए देखा था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने किशोरी को बरामद कर आरोपित को गिरफ्तार किया।
वहीं सुनवाई के दौरान पीड़िता ने न्यायालय में दिए बयान में बताया कि घटना के समय वह कक्षा आठ की छात्रा थी और घर पर अकेली थी। आरोपित ने उसे यह कहकर घर से बुलाया कि उसके पिता खेत पर बुला रहे हैं। इसके बाद वह उसे बाइक से अपने साथ ले गया।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसे विभिन्न स्थानों पर ले जाकर डराया और दुष्कर्म किया। मामले की विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र वर्मा ने साक्ष्य एवं गवाह प्रस्तुत किए। वहीं बचाव पक्ष ने भी अपनी दलीलें रखीं। विशेष न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों, पीड़िता के बयान और अन्य प्रमाणों का परीक्षण करने के बाद आरोपित श्याम को दोषी माना और सजा सुनाई।