रिश्ते के भाई ने ही किया था किशोरी के साथ विश्वासघात, अब 10 साल तक जेल की सलाखों के पीछे काटेगा समय
बदायूं में पॉक्सो एक्ट के तहत एक किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के दोषी विपिन को विशेष न्यायाधीश ने 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 85 हज ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
HighLights
विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट कक्ष संख्या दो के न्यायाधीश ने सुनाई सजा
85 हजार रुपये डाला जुर्माना, जुर्माने की धनराशि पीड़िता को देने का आदेश
जागरण संवाददाता, बदायूं। किशोरी को बहला फुसला कर अपहरण कर ले जाने और फिर उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोपित को विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट कक्ष संख्या दो के न्यायाधीश नीरज कुमार गर्ग ने दोषी करार देते हुए दस साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 85 हजार रुपये जुर्माना डाला है, जमाने की धनराशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति रूप में देने का आदेश दिया है।
पीड़ित के पिता ने पुलिस को तहरीर देते हुए बताया था कि 18 जनवरी 2021 घर पर उसकी पत्नी और बेटी थी। उसकी पत्नी शौच करने चली गई तभी गांव का विपिन बेटी को भागा ले गया। पत्नी को गांव निवासी वीरेंद्र ने बताया कि तुम्हारी बेटी को उसने विपिन के साथ जाते देखा है। उसकी पत्नी विपिन के घर गई तो विपिन भी अपने घर पर नहीं था। उसे शक है कि उसकी बेटी को विपिन अपहरण कर ले गया है।
बताया कि उसकी बेटी की उम्र 17 वर्ष है। थाना हजरतपुर पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने कुछ दिन में ही वादी की बेटी को बरामद कर लिया। पीड़ित ने अपने बयान में बताया कि 18 जनवरी को घर के बाहर गांव में रहने वाला विपिन मिला। वह मेरे गांव के रिश्ते से चाचा का लड़का लगता है। उसके साथ दो-तीन लड़के और थे।
उसने मिलने के लिए बुलाया, जब उसने मना किया जिस पर विपिन व उसके साथ आए लड़कों ने जबरन गाड़ी में बैठा लिया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद रुमाल से नशा सुंघा दिया, जिससे वह बेहोश हो गई। होश आने पर खुद को एक बंद कमरे में पाया। वहां पर केवल विपिन था। विपिन ने उसके साथ गलत काम किया।
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न्यायालय में विपिन पर किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले के आरोप का मुकदमा चलाया गया। न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य का अवलोकन किया, विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र वर्मा व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के पश्चात उक्त आरोप में विपिन को दोषी पाते हुए उसे सजा सुनाई है।